"गोदी है तो मुमकिन है "😊
21वीं सदी का सुपर पावर बनने का दावा कर रहा भारत अपने नागरिकों का पेट भरने के मामले में पिछड़ रहा है. ग्लोबल हंगर इंडेक्स द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक भारत 117 देशों की रैंकिंग में 102वें नंबर पर है. 2014 से भारत की रैंकिंग में लगातार गिरावट हो रही है!
ग्लोबल हंगर इंडेक्स का मतलब उन देशों से जहां बच्चे पेटभर खाना नहीं खा पा रहे। रिपोर्ट के मुताबिक भारत एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और GHI में उसका स्थान दक्षिण एशिया के देशों से भी नीचे हैं। इसका मतलब है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका से भी पीछे हैं जिनकी रैंकिंग क्रमश: 94, 88, 73 और 66 है। साल 2010 में भारत लिस्ट में 95वें नंबर था!
-
हमें काम करने से मत रोको माई-बाप मेहरबानी कर के हमे काम करने जाने दो...
हम गरीब है साहब इस वायरस से तो बाद में मरेंगे पहले भुखमरी से मर जाएँगे भीख की बिरयानी न सही मेहनत की नमक तेल भात तो खाने दो...-
वो रोए तो कुदरत भी है रोती
कभी बारिश तो कभी आनाज से धरती भर देती
इंसान में पता नही दया भावना क्यों नही होती
जानवरों को खिलाते दूध भात रोटी
इंसान के बच्चो को ऐसे भागते जैसे
उनकी मौजूदगी धरती पर बोझ होती
न कर दया अगर नही तुझसे कोई वास्ता
पर उन्हें नीचा तो न दिखा तुझे ख़ुदा का वास्ता.....
-
दो हज़ार का नोट जेब में रख कर, दो रूपये की भीख देने वाले, इस देश में ख़ुद को "सच्चा समाजवादी" समझते हैं।
हास्यास्पद है!
पर समझे भी क्यों ना?
एक स्वघोषित समाजवादी हर हाल में बेहतर है उस एक "छद्मवेशी पूंजीवादी" से जो भुखमरी पर चिंता तो बहुत व्यक्त करता है पर रेड पड़ते ही लाखो-करोड़ो रुपयों से भरा बोरा आग में धकेलने से नहीं चूकता!-
वो बच्चें भूख से तड़प कर मर गए,
सुना हैं किसी ने शौचालय मुफ्त,
तो किसी ने बिजली मुफ्त कर दिया है।-
मै खूब सुनाता हूं हर पल, पाक को खरी खरी
।
पेट भरा देशभक्त हूं मैं
।
यहां कोई समस्या थोड़े ही है भुखमरी।-
सन्नाता कुछ इस तरह छाया है शहर में,,
घर में उस भूखे बच्चे का शोर बढ़ गया है!!-
दरिद्र की आवाज़
विदारक यक्षप्रश्न मस्तिष्क में जारी है !!
घातक ज़्यादा भुखमरी या महामारी है ??
विवशताएँ भूख ज़िल्लत हैं हमारे हिस्से
सुख-समृद्धि भोग-विलासिता तुम्हारी है !!
परिश्रम कठोर करना अश्रुओं को पीना
शायद आदिकाल से ही नियति हमारी है !!-
केंद्र ओर राज्य सरकारो से विनती हैं कि
इस संकट की घड़ी में कुछ विभागों को छोड़कर
सभी सरकारी कर्मचारियों का वेतन काटा जाए
चाहे मंत्री पद ,अध्यापक .......
ताकि उन पैसो से
जो लोग बेरोजगार हो गए हैं उनके
भरण पोषण के लिए नीतिया बनाई जा सके🙏🙏
-