ज़िन्दगी अधूरी है
जो अग़र आपने गौ सेवा ना किया हो-
दोष शायद गौमाता का है जो वह बेटा पैदा करती है
और इससे भी बड़ा दोष उस औरत का है जो बेटी पैदा करती है...
क्योंकि हमारे विद्वानों ने तो गौ माता के लिए केवल बेटियों की ,
और औरत माता के लिए केवल बेटे को पैदा करने की दवा बना ही दी है...-
कोई तो हो जो गौमाता के दर्द को समझे,
दूध देती है वो हमें, कचरे-प्लास्टिक के बदले।-
पावन-पुनीता हो माँ
सुखद-संकेता हो माँ,,
अमय-प्रगाढ़ता की
दुग्ध-गंगा धार हो!!
पायसपूर्णा हो पूरी
शुभतम हो सबूरी,,
रूप सम विधात्री का
गौरवर्ण नार हो!!
दानवीर पूजें तुम्हें
फिर क़त्लखाने कीन्हें,,
उदर भरें स्वयं का
छीनें तेरा चार वो!!
गोरसी महा निराली
सुबाल संतति पाली,,
गोवत्स निहारें माँ को
महा सहसार हो!!
घी,मही औषध बना
आरोग्य देती है भला,,
गौ का मांसाहार किया
मनु शर्मसार हो!! 🍃शैली 🍃
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दूध तुम्हारा अमृत जैसा
मूरत तुम्हारी ममता सी,
गव्य तुम्हारा भव्य बनाता
धरती तुमसे सुखद सी,
बलायें टाल शगुन बनाती
तुम कान्हा की दुलारी सी।
!! गोपाष्टमी की मंगल बधाई !!-
*गाय और स्त्री*
गाय खड़ी है आंगन
ज्यों भोजन मांग रही
आशान्वित स्वरों से
मां–मां पुकार रही।
देहरी पर आकर गृहिणी
गऊ को भोग लगा रही
नैनो में अश्रु लिए
मां को मां पुचकार रही।
द्रवित हृदय, निशब्द हो दोनो
एक दूजे को निहार रही।
आपस में अपने जीवन की
व्यथा बांट रही।-
गाय दरवाज़े पर आए,
उनको कभी ना मारना।
भगवान् का दर्जा दिया,
गौ माता कहलाए।
जूठा, रोटी, खाना कभी ना देना,
तभी सच्चे इंसान कहलाए।-
आज नही तो कल तुमको आना पड़ेगा।
सनातन संस्कृति को अपना बनाना पड़ेगा।
दौड़ लगा लो चाहे तुम कितनी भी विकास की।
वापस लौटकर तुमको ये सब अपनाना पड़ेगा।
अर्थ का मूल ही गौ है ये आज नही तो कल मानना होगा।
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