Pramar ❤   (अmar|✓𝕻𝖗𝖆𝖒𝖆𝖗 ♥️)
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Joined 25 December 2018


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19 HOURS AGO

अब और रहा नही जाता बग़ैर तेरे
वक़्त बेवक़्त बस तेरी फ़िकर का पहाड़ है सर पर
की सुनो तुम अब मान भी लो मेरी बात

तेरी धड़कनें मैं सुन सकूँ मेरे इतने पास आओ न
अब ना रहे कोई दरमियाँ तुम इतने पास आओ न

दिल करता है हर वक़्त तेरे क़रीब रहूँ
साँसों में घुल कर तेरी रग रग में बस जाऊँ
की तुम सुन लो मेरे दिल की बात

अब दिन रात मैं निहारूँ तुम्हें मेरे इतने पास आओ न
पलकों पर बिठा कर रखूँ तुम इतने पास आओ न

धड़कनें तेज़ हैं मेरी कोई पता भी करो ज़रा
कहीं उनके लौट आने की ख़बर कोई इशारा तो नही
मेरी जान को देखे एक अरसा हो चला कि सुनो

तेरी लबों से अपना नाम सुनूँ मेरे इतने पास आओ न
मखमली होठों को मैं अब चुम लूँ तुम इतने पास आओ न

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20 HOURS AGO

बहुत ही ख़ास हो तुम मेरे लिए
नादान दिल की
हर आवाज़ हो तुम मेरे लिए

जैसे नक्श तराशी हो किसी शौकिया हथेलियों ने
वैसी सुंदर लेखन की पयाम
एक खूबसूरत तस्वीर हो तुम मेरे लिए

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17 SEP AT 21:42

If Love is a medicine,.
Then you're my medicine

If Love nourishes everything
Then you're my everything

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17 SEP AT 9:04

होके गैरों सा क्या मिला तुझे क्या मिला मुझे
बस दर्द में लिपटा तू यहाँ मिला मुझे मैं वहाँ मिला तुझे

खुशियाँ दूर हुई सुकून रहा ना पास हमारे
बस गंगा जल सा बहकर तू यहाँ मिला मुझे मैं वहाँ मिला तुझे

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17 SEP AT 8:45

यादों में संग हो हसीन पलों में संग हो
मेरे आँखों मे बसे तुम मेरी पलकों में बंद हो

हँसता हूँ जबभी तुम्ही मेरे होंठों पर सजी हो
जब रोता हूँ बिलख कर तुम मेरी अश्रुओं में बही हो

जग बहारों में घुम लूँ तुम मेरे संग संग उड़ी हो
हसीन वादी में जब होता हूँ तुम मेरे बाहों में लिपटी हो

घनघोर अँधियारे में तुम मेरे हाथों को पकड़ चली हो
दिन के उजालों सा तुम्हीं मेरे रूह में बसी हो

मेरे अकेलेपन में तुम मेरे संग संग रही हो
मेरे हर दर्द का मुझमें मरहम सा तुम बनी हो

जिधर भी देखूँ बस तुम वहीँ मुझे मिली हो
दिल के धड़कन सा मेरे हर धड़कन में तुम बसी हो

ज़िन्दा रहने की तुम एक वजह मेरी बनी हो
तुम मेरी जान बन कर मुझमें मेरी साँसों की तरह घुली हो

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16 SEP AT 4:10

तेरे साथ लिए मुझे हर वादे याद हैं
अँगड़ाई में लिए वो तेरी बाहें याद है

इंतेज़ार में बीती वो हर दिन रात याद है
बादलों में तकते इन्तेज़ार के वो हर पल याद है

तेरी आँखों की गहराई में मेरा इन्तेज़ार याद है
कुछ न कह कर मुझसे हर बात कहना याद है

तेरी आँसुओं में वो दर्द भरी मेरी छवि याद है
तेरी प्यारी मुस्कान में नरम होठों की नमी याद है

रो कर मुझसे तेरा हर बात मनवाना मुझे याद है
तेरे नख़रे देख मुझे तेरा नटखट बचपना याद है

तेरे साथ मेरी बिती वो हर सुबह हर शाम याद है
प्यार से हाथ थाम कर मेरे कन्धे पर सर रखना याद है

मुझे देख तुम्हारा प्यार से मुस्कुराना याद है
तेरी मासूम सी निगाहों में मेरा प्यार याद है

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15 SEP AT 10:51

ख्वामखा ही जी रहे थे हाँ सच यूँ ही तन्हा जी रहे थे
अधूरी सी मेरी ज़िन्दगी थी हाँ अब पूरी हुई है तुमसे मिलकर

अकेलेपन में झुलस रहे थे एक साथी को हम तरस गए थे
जीवन में बहार है अब आई मेरे नैनों को सुकून मिला है तुमसे मिलकर

खुदा ही जाने कहाँ खो गए थे इन लबों की हँसी को तड़प गए थे
मेरा अरमान पूरा अब हुआ है सच आँखे चार हुई है तुमसे मिलकर

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15 SEP AT 5:08

सब कुछ खोकर ही तो मुझे जीना आया है
वरना कल तक जीना मेरे लिए बड़ा ही सरल था

इन आँसुओं ने मुझे हँसने का महत्व क्या खूब सिखाया है
वरना पागलों सा हँसना भी मेरे लिए बड़ा ही सरल था

ठोकरों ने ही मुझे गिर कर उठने का हुनर सिखाया है
वरना जीवन पथ पर यूँ ही चलते रहना मरे लिए बड़ा ही सरल था

सबका साथ पा कर ही मुझे अकेलेपन ने अपनाया है
वरना अकेला हो कर भी सबके साथ रहना मेरे लिए बड़ा ही सरल था

चुप रह कर ही तो मुझे कहने सुनने की कला आया है
वरना बदलते रंग रूप देख सोचना विचारना मेरे लिए बड़ा ही सरल था

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15 SEP AT 1:33

ना तो साधु हैं ना ही संत हैं, वो सबसे बड़े विरक्त वैरागी हैं
ना जान कर भी सब हैं जानते, वही सबसे बड़े अंतर्यामी हैं

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15 SEP AT 1:16

तू न थका है कि फ़िर हिम्मत कर तुझे और चलना है
क्या हुआ जो तू है अकेला मत लड़खड़ा तुझे और चलना है

जीवन पथ मुश्किलें डगर डगर की तुझे और गिरना सम्भलना है
तेरा साथी तेरा अकेलापन है कि मुस्कुरा तुझे और चलना है

ग़र मंज़िल नज़रों से धुँधला जाए तो आँखें मीच कर तुझे बढ़ना है
थपकी देकर स्वयं सो जाना की मन्ज़िल दूर है तुझे और चलना है

तेरा पंथी तू स्वयं है खुदका सारथी बन तुझे ही अपनी राह बनाना है
रोना मत किसी गड्ढे में गिर कर आँसू पोछ की तुझे और चलना है

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