अगर किसी राह पर आप खुद को अकेला पाते हो
इसका मतलब ये नहीं कि आपने रास्ता "गलत" चुना है
इसका मतलब है कि आपने रास्ता "कठिन" चुना है !-
मिले हर किसी को एक जीवन यहाँ,वो एक जीवन भारत माँ को न्यौछावर कर दिया आपने
ना जाने कितने मसलो को ही,खुद के दम पर सुलझा दिया उन्हें।
सॉफ्टवेयर से लेके विद्युतीकरण में गति लाने क्ये लिये,हर एक फैसले भारत के विकास लिये थे आपके।
व्यक्तिगत जीवन हो या राजनीतिक,हर एक जीवन भारत माँ को न्यौछावर कर दिया आपने।
कवि के रूप में पहचान,आपकी साहब अलग ही थी और अमर है
किशोर वय की वो पंक्तियां,आज भी एहसास दिलाती है की बचपन में ही न्यौछावर कर दिया जीवन भारत माँ को आपने
"हिन्दू तन-मन हिन्दू जीवन, रग-रग हिन्दू मेरा परिचय"- (अटल बिहारी वाजपेयी)-
पापा! मुझे खबर है,
आपके अक़ीदत की।
आपका एतबार है मुझ पर कि..मैं कुछ कर दिखाऊंगी,
और मुझे एतबार है आप के एतबार पर पापा।
आपके इस एतिकाद को कभी ना टूटने दूंगी।
आपके साथ से ही मैं..आगे बढूंगी।
भरोसा रखिए...
आपके उम्मीद को ना मिटने दूंगी।
विपरीत परिस्थितियों से भी ना डरूंगी।
आपके विश्वास में ही पापा मेरा साहस छिपता है।
मुझे काबिल बनाने की चाहत आपकी,
इसे जरूर पूरा करूंगी।
मेरे नाम पर गर्व करेंगे आप ये सौभाग्य अवश्य दूंगी।
आपके विश्वास से ही पापा आगे बढूंगी,
खुद को मैं साबित करूंगी।
पापा! मुझे खबर है..आप हमेशा साथ हैं मेरे।-
हम अपनी जरूरत का सामान काली पोलीथीन में नहीं खाकी लिफाफे में चाहते हैं।
हाँ हम महीने के उन पाँच दिनों खुदको एक संघर्षरत योद्धा और शूरवीर मानते हैं।।-
"जिम्मेदारी" भी श्रेष्ठतम
योगी को हैं चुनती,
कर्महीन निगाहें मोड़ लेते हैं जहाँ,
"कर्मयोगी" निगाहें मोड़ लेता है,
खिलौना देखकर वो अब,
उसे डर है उसका कर्म योगी जिम्मेदारी
"शर्मिन्दा" न हो जाए कही..
उस को जिम्मेदारीयो ने संघर्षशील विलक्षण कर्मयोगी प्रतिभा बना दिया..✍🏼🐦😢😢-
ज़िन्दगी के हर मोड़ पर ज़िन्दगी से लड़ी।
और निखरी, नहीं बिखरी -अडिग खड़ी।।
ख़ूबसूरती की हो एक मिसाल हज़ारों में।
क़ुदरत की अनुपम कृति जैसी हो अड़ी।।
पलकों पर ठहरा हुआ "नीर" मुस्काता है।
फटेगा आसमाँ जो फूटी आँसू की झड़ी।।
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© Copyright 19 January
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पथ कंटक पूर्ण
पर हमने रूकना ना सीखा
प्रतिकूल परिस्थिति जितनी भी
हमने ना झुकना सीखा
ध्येय निष्ठा है मन में
हम केशव का अनुसरण है करते
करे राष्ट्र आराधन हम तो
माधव को अंतःकरण में धरते
विश्व गुरु बने ये भारत
और शांति का वास रहे
रहूँ कार्यरत बस राष्ट्र हित में
जब तक तन में श्वास रहे
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संघर्षशील है ये जिंदगी
हर कुछ है अधूरा सा
खुलकर जीने में भी
एक खौफ़ है छुपा सा
इस पल जो है,
बस वही क्षण है सच भरा
बाकी सब है, मात्र एक कल्पना।-