ज़िंदगी इतना सिखा चुकी हैं कि,
भावनाओं की कदर तभी की जाएगी,
जब आप आर्थिक स्तर पर मजबूत स्थिति में होंगे,
आर्थिक स्थिति ही इंसान को इंसान बनाती है,
वरना दुनियां वाले तो, गंवार और गरीब कह कर धिक्कार देते हैं..!!-
✍️हां मैं गंवार हूं
खेतों में सोना उगाता मैं किसान हूं
देश के जीडीपी में 18% का योगदान हू
उत्पाद करता मैं सब का आहार हूं
हां मैं गंवार हूं
भूखे लोगों का मैं अन्नदाता
माटी का मैं पुकार हूं
देश के सेवा में मैं भी हिस्सेदार हूं
हां मैं गंवार हूं
गांव की पगडंडियों पर दौड़ लगाता
दुश्मनों से सीमा की रक्षा करता
नेताओं जैसा न मैं मक्कार हूं
हां मैं गंवार हूं
भले सरकार मुझे ना सुने
भले महत्वपूर्ण मुझे न चुने
पर देश का असली मैं प्रधान हूं
हां मैं गंवार हूं !-
तेरे शहर में चर्चे हैं तेरे इश्क के
मेरे गांव में मशहूर है सादगी मेरी...-
मेरे गाँव के हुस्न की बात मत पूछिए ,
साहब ,
यहाँ पर चाँद कच्चे मकान मे रहा करते हैं ।-
सुकून के पलों में
हम भी तहज़ीब से बात करते है
बस जिस दिन बेक़रार होते है
उसी दिन गवार होते है-
My family belongs to the Farmer's family.
I am proud of it. Doesn't matter how many
people call "Gawar" to villagers.
Only because they don't understand the English.
They don't speak english.
They don't wear modern clothes.
They don't use accents to talk
But their hard work day by day feeds you.
You can live without friends, family and love
but can't live without Food.
If villagers are "Gawar" then I am too.
Your forefathers too.-
Main jigri or tu
meri bigdi yaar🤣🤣😘😍❤❤
gussa ho
sad ho
narazaj ho
ya koi tisra a jaye yaar..
koi bhi nahi la payega
hamari dosti me darar....
kyukiii in sabse majbut hai
hum dono ka pyaar
samjhi gawar😂😘
jo v hai tu😜😛😝
I love u yaar.😍💕for my bestie ❤️
Happy friendship day 💐💐-