Ek insaan sab kuch bardaash kar sakta hai....!
Lekin mohobbat ke naam par
Kiye gaye wadon mai beimaani nahi..!!!-
हम पे बेईमानी का इल्ज़ाम ना लगाना
हम मुख़लिस हैं बहुत, सौदाई का सामान न बनाना
ہم پے بےامانی کا الزام نہ لگانا
ہم مخلص ہیں بہت سودائی کا سامان نہ بنانا-
Is sody me kai khasara he ni,
Mje ye TIJARAT sachi ni lagti.
Is kahani me kahi dard he ni,
Mje ye IBARAT sachi ni lagti.
Subh SE sham ho gai ye pori he ni ho rahi,
Mje ye ZARORAT sachi ni lagti.
Aik bori aaty ki char tasveery ly li,
Mje ye KHIDMAT sachi ni lagti.
Mathy pe sajdo k nishan or kirdar bilkul Acha ni,
Maazrat se mje ye IBADAT sachi ni lagti.-
प्रश्नकाल का सवाल अब बेईमानी लगता है
अपने देश का पी एम तो इक सन्यासी लगता है
करोंगे क्या सवाल आप यह भाजपा है देश भक्त
प्रश्न मत पूछना भक्तों से कि गद्दारी लगता है
सवाल पूछना हुजूर से तो इक नाफ़रमानी है
क्या "थॉट- पुलिस" से भी तुमको अब डर नहीं लगता है
सब का साथ और विकास ही "मिनिस्ट्री ऑफ़ लव "है
हेट स्पीच से बतलाओ क्या अब डर नहीं लगता है
"कर्मयोगी मिशन "का तो यहाँ है शुरुआत हो गया
ये है गुरुओ के गुरु क्या यह तुम्हें मज़ाक लगता है
"मिनिस्ट्री ऑफ़ प्लेंटी "भी उनने है बना रक्खी
भूखे नंगों को देख क्या तुम्हें डर नहीं लगता है
उसकी होर्डिंग ऊँची और है आवाजे भी ऊँची
बड़ी आँखें सफ़ेद मूछें क्या अब डर नहीं लगता है-
बड़ी शिद्दत से दोस्ती की थी उससे
सोचा था ईमान से निभाएंगे वो...
पर पता नहीं था कि उसकी तो रग रग में बेईमानी थी ..
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जो जंग चल रही है
उनके दिल और दिमाग़ के बीच
मुझे पता है वो दिमाग़ को ही जिताएंगे
वो भी बेईमानी करके।-
इस बेईमानी के शहर मै
जनाब....
शरीफ बनो लेकिन,
ज्यादा शरीफ मत बनो।-
মনের মত মন
যত্ন জানে কজন
শুধু হেলাফেলা
মন নিয়ে খেলা
বাঁধ ভাঙ্গা ঢেউ
নতুন গড়ছে কেউ
আঘাত হানে মনে
চিহ্ন থাকে না কোণে
বেইমানির ফল
ফেলা শুধু চোখের জল-