रुदन में कितना उल्लास, कितनी शांति, कितना बल है। जो कभी एकांत में बैठकर, किसी की स्मृति में, किसी के वियोग में, सिसक-सिसक और बिलख-बिलख नहीं रोया, वह जीवन के ऐसे सुख से वंचित है, जिस पर सैकड़ों हँसिया न्योछावर हैं। उस मीठी वेदना का आनंद उन्हीं से पूछो, जिन्होंने यह सौभाग्य प्राप्त किया है।
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हम अपनों से हारे,
नींद के भी मारे
जागेंगे कब तक
सो भी ना पाएंगे,
कब तक हँसेंगे हम
रो भी ना पाएंगे-
हँस रहें हैं उन कीमती लम्हों पर,
हमें जो यादों की हवा मे उड़ना सिखा गए,
तन्हा कर इस दिल को
वो साथ गैरों का पा गए-
मैंने आईने से कर ली दोस्ती उसी का हो लेता हूँ
जब दिल करे हँस लेता हूँ जब दिल करे रो लेता हूँ-
यादों को याद करके रोते है अक्सर लोग यहाँ, पर मैं हँस लेता हूँ,
जब तन्हाई तोड़ने लगती है मेरे सपने, मैं उसे बाहों में कस लेता हूँ,
सिखाया है 'कुमार' माँ की परवरिश ने जीने का सही सलीका,
घबराता नहीं ग़मों से, अंधेरे से रौशनी का मीठा सा रस लेता हूँ॥-
जिस तरह हँस रहा हूँ मैं पी पी के गर्म अश्क
यूँ दूसरा हँसे तो कलेजा निकल पड़े-
कभी यूँ हीं हँस लिया करो,
उदासी का दामन छोड़,
खुशियों से मिल भी लिया करो,
बहुत छोटी है जिन्दगी,
जीने की तमन्ना बुन भी लिया करो।
कभी यूँ हीं हँस लिया करो,
गुम-सुम रहना,पल-पल सहेजे,जज्बातों में बहना,
ठीक नहीं है इन हालातों में रहना ।
कभी यूँ हीं हँस लिया करो,
ख्वाबों के पंख उतार,
हकीकत की जमीन पर चल लिया करो,
माना पथरीली है जमीन,
पर राहों की दुश्वारियां,कुछ सीखा जायेंगी,
जीने की कला बता जायेंगी,
ख्वाबों में रहना जीना नहीं है,
जीने का मकसद कुछ भुला देना,
कुछ सीखते रहना है,
जीवन का दामन थाम,
बस चलते रहना है,
कभी यूँ हीं हँस लिया करो।।
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ज़रा हँस के देख ले
तू ज़िन्दगी की तरफ,
पैदा जब हुआ था,
तब भी तो रो ही रहा था!-
सुना है मोहब्ब में रातों की नींद उड़ जाती हैं,
पर हम भी मोहब्ब के खिलाड़ी हैं...
दिन में ही सो लेते हैं😁🤣-