YQ Sahitya   (गोपालदास 'नीरज')
10.6k Followers · 4 Following

read more
Joined 28 June 2018


read more
Joined 28 June 2018
YQ Sahitya 15 JUL AT 23:15

आइए, पढ़ते हैं वह मज़ेदार किस्सा, जब भूतपूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह और तत्कालीन विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने शेरो-शायरी में एक दूसरे को जवाब दिया

-


Show more
322 likes · 22 comments · 19 shares
YQ Sahitya 14 JUL AT 22:13

तू है बुरा तो होगा, पर बातों में तेरी रस है
जैसा भी है मुझे क्या, अपना लगे तो बस है
घर हो तेरा जिस नगरी में, चाहे जो हो तेरा नाम रे
घर-वर, नाम-वाम, मैं क्या जानूँ रे …

दिल-विल, प्यार-व्यार, मैं क्या जानूँ रे
जानूँ तो जानूँ बस इतना जानूँ
कि तुझे अपना जानूँ रे

-


Show more
347 likes · 14 comments · 3 shares
YQ Sahitya 12 JUL AT 21:10

अमल धवल गिरि के शिखरों पर,
बादल को घिरते देखा है।
छोटे-छोटे मोती जैसे
उसके शीतल तुहिन कणों को,
मानसरोवर के उन स्वर्णिम
कमलों पर गिरते देखा है,
बादल को घिरते देखा है।

-


Show more
413 likes · 20 comments · 14 shares
YQ Sahitya 11 JUL AT 13:59

बरसन लागि बदरिया रूम झूम के

बादर गरजे, बिजुरिया चमके
बोलन लागि कोयलिया
घूम घूम के
बरसन लागि बदरिया रूम झूम के

रामदास के गोविंद स्वामी,
चरण कमल नित
चूम चूम के
बरसन लागि बदरिया रूम झूम के

-


Show more
365 likes · 14 comments · 6 shares
YQ Sahitya 11 JUL AT 12:09

कहानी ख़त्म हुई और ऐसी ख़त्म हुई
कि लोग रोने लगे तालियाँ बजाते हुए

-


Show more
597 likes · 20 comments · 19 shares
YQ Sahitya 9 JUL AT 20:32

तुम 
जो 
पत्नियों को अलग रखते हो 
वेश्याओं से 
और प्रेमिकाओं को अलग रखते हो 
पत्नियों से 
कितना आतंकित होते हो 
जब स्त्री बेखौफ भटकती है 
ढूंढती हुई अपना व्यक्तित्व 
एक ही साथ वेश्याओं और पत्नियों 
और प्रमिकाओं में ! 

-


Show more
503 likes · 21 comments · 11 shares
YQ Sahitya 2 JUL AT 17:12

चित्र में मौजूद कवि का नाम बताएं?

-


Show more
338 likes · 55 comments · 6 shares
YQ Sahitya 1 JUL AT 14:22

नहीं, द्वार नहीं खोलूँगा ।
बाहर जो
चेहरों की
नामों की
आवाज़ों की भीड़ है
उसका नहीं हो लूँगा ।
द्वार नहीं खोलूँगा !



[ शशिशेखर तोषखानी ]

-


Show more
633 likes · 21 comments · 2 shares
YQ Sahitya 30 JUN AT 20:09

बरसात थम चुकी है मगर हर शजर के पास
इतना तो है कि आप का दामन भिगो सके

[ अहसन यूसुफ़ ज़ई ]

-


Show more
369 likes · 29 comments · 14 shares
YQ Sahitya 29 JUN AT 9:51

-


Show more
976 likes · 49 comments · 32 shares

Fetching YQ Sahitya Quotes

YQ_Launcher Write your own quotes on YourQuote app
Open App