QUOTES ON #हिंदी

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#हिंदी quotes

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Saket Garg 16 APR 2017 AT 2:11

तुम क्या सिखाओगे मुझे प्यार करने का सलीक़ा
मैंने 'माँ' के एक हाथ से थप्पड़, दूसरे से रोटी खाई है

- साकेत गर्ग

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Monika Agrawal 26 MAY 2017 AT 14:24

अपना हिजाब उतारकर उसने,
उसे एक हिन्दू के जख्म पर बांध दिया,,

...लगता है उसने कुरान पढ़ी है।

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Supriya Mishra 24 SEP 2018 AT 17:03

मुझे लिखना
उस कविता की तरह
जो तुमने बहुत पढ़ने के बाद लिखी हो
मुझे पढ़ना
उस कविता की तरह
जो तुमने एक अरसे के बाद लिखी हो

मुझे कहना
उस कविता की तरह
जो तुम्हारे पसंदीदा कवि की खास रचना हो
मुझे सुनना
उस कविता की तरह
जिसे तुम्हे अपने दिल के सबसे पास रखना हो

मुझे भूल जाना
उस कविता की तरह
जो तुम्हें कभी समझ ही ना आई हो
मुझे याद रखना
उस कविता की तरह
जो तुमने अपनी प्रेयसि को सुनाई हो

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Mann 10 APR AT 7:42

हर चीज़ यहाँ नशा हुआ करता है
ये बात अलग है कुछ में धुआँ रहता है।

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Mann 30 MAR AT 9:22

उठ लड़ खुद से
देखते है कितना सहोगे।
🙏😊

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YQ Sahitya 29 APR AT 15:11

ज़े-हाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल
दुराय नैनाँ बनाए बतियाँ

कि ताब-ए-हिज्राँ नदारम ऐ जाँ
न लेहू काहे लगाए छतियाँ

शबान-ए-हिज्राँ दराज़ चूँ ज़ुल्फ़
ओ रोज़-ए-वसलत चूँ उम्र-ए-कोताह

सखी पिया को जो मैं न देखूँ
तो कैसे काटूँ अँधेरी रतियाँ

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Supriya Mishra 2 JUN AT 19:14



निश्चित है अपना मेल प्रिये,
ये प्यार नहीं है खेल प्रिये

(कविता अनुशीर्षक में)
- सुप्रिया मिश्रा

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Chandra Prakash Bishnoi 25 MAY 2018 AT 14:48

टूटी हुई घड़ी बांधता हूँ मैं हाथ में,
वक़्त के कदमों की आवाज़ कानों में गूंजती बहुत है।

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Bhavesh 25 JUN 2017 AT 18:31

मुस्कान घिसी, खुशबू फैली अहसासों की ।

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YQ Sahitya 9 MAR AT 16:45

कल बीते रात धर्मवीर भारती जी की मौत की ख़बर मिली। भारती के विकास की काफ़ी संभावनाएं थीं, पर उनके मुरझा जाने की और भी अधिक। यूँ चेहरे पर भारती काफ़ी उत्फुल्लता रखने की कोशिश करता था, पर अंदर से कुछ बीमार था वे इतनी छोटी अवस्था में चल बसे, सुनने में आता है बीमार चल रहे थे, दो बीमारियाँ तो बहुत स्पष्ट थीं- एक तो पढ़ने के दौरे आते थे और दूसरी बीमारी थी उन्हें टहलने की। यह अवश्य प्रार्थना करता हूँ कि भगवान उनकी आत्मा को कभी शांति न दे, वरना उनकी प्रतिभा मर जाएगी।

लेखक : धर्मवीर भारती

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