QUOTES ON #DARD

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#dard quotes

Trending | Latest
Anil Sharma 24 MAR 2018 AT 9:12

ढूंढता रहा इश्क को मैं
दिल की गहराई में
कमबख्त मिला तो सही
पर दर्द में तनहाई में

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Sahani Baleshwar 2 APR 2018 AT 21:26

Ai dost maine Suna hai ki tu aaj-kal
raaton mein rone lag gaya hai ,
lagta hai ki ishq ke jurm mein
giraftaar tu bhi hone lag gaya hai...

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Amit Mishra 2 NOV 2018 AT 19:31

कुछ दिन का दर्द है फिर हवा हो जाएगा
नया ज़ख्म पुराने वाले की दवा हो जाएगा

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Sonia Thakur 28 MAR AT 12:40

Na jane tum kahan chale gaye....akele rehne ki itni badi sza dekar.......
mehfil mein jb bhi log humse tumhare bare mein puchte hai.....
To hum palke jhukha kr muskura dete hai or aankho se nikle aansu wo dard byaan kr dete hai....
Aur wo dard itna jyada ho gya ab ki aankho se aansu bhi sukh gaye....
Dua karte hai ab apka zikra bhi na ho...... kyoki logo ko jwaab dene k liye ab hmare aansu bhi nahi rahe....

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Sahani Baleshwar 11 APR 2018 AT 14:41

Apne chadar ke ander
Tune bhi bahut se raaz khole hai,
Aankhe to teri hai
Par unme se behne wale aansu mere hai..

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Ankush Tiwari 16 DEC 2018 AT 11:00

ये जो हमारी आँखों में श्मशान दिखाई देता है,
तुम्हारे सितम से क़त्ल हुई ख़्वाहिशों का घर है।

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Jag the tale 10 JAN AT 12:21

साँसों को छलनी, जिगर पे पार करती है

ख़मोशी भी, बड़े सलीके से वार करती है




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Nandkishor Patel 21 FEB 2018 AT 13:52

जो मेरे अंदर था वो किसी को अपनी जुबां से मैं कह भी न पाया।
कोई समझा भी नहीं, और मैं सह भी न पाया||
सब पूरे हैं खुद में ही, और मैं बिना अपनों के आधा भी न हो पाया,
मैं तो अपने लेखो का भी आधा ही रहा,
पूरा तो कभी मैं खुदमे भी न हो पाया||
सबके लिए इंग्लिश-इंग्लिश करता रहा,खुद को हिंदी बता न पाया।
मेरे इतने ख़फ़ा-ख़फ़ा हैं मुझसे,
शायद अपनेपन का भरोसा उन्हें जता न पाया||
मेरे खुद के हुनर ने लहू गिराया अश्क़ समझ कर,
सबके लिए वो नीर था इसलिए शायद किसी को दिख न पाया।
मैं तो खुद की समझ के लिए लिखता रहा,
कोई इनसे मुझको समझे शायद ऐसा कभी लिख न पाया||
कुछ ने कहा बाद में अरे कहां थे ? मैं तुम्हे देखता रहा,
अब मैं रंगहीन हो गया हूँ, शायद ! इसलिए दिख न पाया।
लोगों की बोलीं तो लगीं थी यहां के बाजारों में,
पर मैं अधूरा था, शायद इसलिए बिक न पाया||
✍Nandan

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Mr BenaaM 4 MAY 2018 AT 14:33

सुकून लेलो हर एक दिन का यारों
वरना ये शाम सदा ढलती है
अपनों से खोये जाओगे तुम एक दिन
बस देर हैं जिन्दगी कब करवट बदलती हैं









www.mrbenaam.com

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Shubha Singh 14 MAY 2018 AT 12:34

मैं दर्द के कफ़स का वो बेगुनाह कैदी हूँ, जिसने खामोशी से हर सितम सहा है...
सुना है अक्सर बेहतर रवैय्या देखकर, रिहाई जल्द ही मिल जाती है...

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