न दिल से जा रही है न दिमाग़ से,
ये साली आशिक़ी न,
मुझे दीमक की तरह खा रही है!!-
दिल से निकालो,
तो दिमाग़ में,
आ जाती है,
ये साली आशिक़ी,
बिना जान लिए,
नहीं जाती है!!-
Har ek boond bhi apne marzi se nahi aata
Mithi mithi battein karne se pyeer saccha nahi hota
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Sacchi Mohabbat ki h tujhse
Isliye pichhe hu
Agr tere se dhoke se mohabbat
Ki hoti to tu pichhe hoti
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"Dil Toota h smjh kr kamjore mat smjhna...........
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Dil-a-ahsaas ho bcha to majbure mat smjhna.......
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Maine aaj tak kisi se teri bewfaai ka zikr na kiya...
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Naftrat h tumse apna raazdar mat smjhna...-
इतनी मासूमियत मौजूद है चेहरे पर तेरे मेरी आंखों को सदा सुकून मिलता है देखकर तुझे
इतनी प्यारी सी है इन होंठों पर हंसी तेरी आंखों में सदा अपनेपन का भाव दिखता है मुझे-
इससे बड़ी सजा अय खु़दा और क्या होगी
मैने अपने ही हाथों अपनी मोहब्बत
उसकी मोहब्बत को सौंप दी-
वादों से बनी जंजीर थी जो तोड़ दी हमने,अब से जल्दी सोया करेंगे,क्योंकि आशिक़ी करनी छोड़ दी हमने।
😏😏-
फिर भी खुश हूँ मुझको उससे कोई गिला नहीं
और कितने आसू बहाऊ उसके लिए
जिसको खुदा ने मेरे नशीब में लिखा नहीं
इन्सान सिर्फ एक ही बात से अकेला पड़ जाता है
जब उसके अपने ही उसे गलत समझने लगे
मुझको ऐसा दर्द मिला जिसकी दवा नहीं-
Ishq Mai kabhi pagal mat ban na
Kyo ki pagal ko koi apne pas nehi rakta
Na uska ghar hota hai na paribar
Bo to akela hin ghumta reheta hai
Sayad iss liye sache ashiqui aj akele hai-