मैं ए करूँगा,मैं वो करूँगा,एक बार मुझे जीतवा दो,
तुम्हारे लिए जो तुम कहो वो मैं करूँगा|
भाषण हैं के हर नेता के ज़ुबाँ का,
सच कुछ नहीं रहता,सिर्फ ढोंग इनकी बातों का|
इनके भी ऊपर कोई रहते हैं,जो इन्हें कठपुतली से नचाते हैं,
बताते हैं जो इन्हें ऊपरवाले,वही बात ए हमारे पास दोहराते हैं|
जालसाज़ हैं ए सभी सिर्फ़ मतलब के होते हैं,
जीत जाए चुनाव एकबार,फ़िर कहाँ किसके होते हैं|-
"झूठे नेता"
झूठे नेता, झूठे वादे
झूठी उम्मीदें, झूठे विकास
झूठ से ही ले जाते ये वोट सारे,
नहीं आते ये मुंह दिखाने वोटिंग के बाद,
झूठी माफी मांग कर सबको झूठी उम्मीदें दे जाते,
ना रोजगार देते न विकास करते,
बस अपना-अपना खजाना भर लेते,
हमको अब बदलना होगा,
झूठे नेताओं को अब निकालना होगा,
देश को फिर से सोने की चिड़िया बनाना होगा..!!-
भरोसा करते नहीं अब किसी पर भी
फिर भी तन्हाई में उसे पुकारा करते हैं,
हम आज भी उस झूठे वादों से
उम्मीद बहुत सारा करते हैं।।
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वो नाटक उनका आज भी जारी है..
हर बार की तरह झूठ बोलने की बीमारी हैं।
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तुम्हारी झूठी मोहब्बत आज भी जारी है...
अब इस बार धोखा देने की मेरी बारी हैं।।-
खुशियों से मेरी कुछ खास नहीं बनती है,
आँसू की मेरे साथ तनहाई में महफिल क्या खूब सजती है!
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और उस झूठ कि वजह से एक दिन रिश्ता खतम हो जाता है
और वो भी तुम्हारी तरफ से क्यूंकि हमनें तो पूरी कोशिश कि थी
परन्तु तुम्हे झूठ बोलना ही इसलिए पड़ रहा था क्यूंकि आप सिर्फ अपना समय बिताना चाहते थे🙂-
ऐसे अटल थे जिनके इरादे,किए नहीं कभी झूठे वादे
इतनी गंदी राज नीति में , बनके रहे सच्चे शहजादे
जब-जब था होता अन्याय,करते थे वो सच्चा न्याय
भल रूठे चाहे अन्यायी,सदा न्याय का मान बढ़ाये
समकालिक सरकारों के भी,बिगड़ेकाम उन्होंने सादे
मन में जो संकल्प वो लेते, सही समय पर पूरा करते
उनके इन्हीं गुणों से केवल ,विपक्षी भी उनसे डरते
गरीब कोई जुल्म नहीं झेले , लेते दृढ़ प्रतिज्ञ इरादे
जब होता था जुल्म किसी पर ,भावुक वो होजाते थे
पीड़ा से हो भाव विह्वल तब ,आंसू भी आ जाते थे
कामकिए सबजनहित केही,चाहेजोभी अब उपमा दे
कथनी करनी एक थी उनकी,कहते पूरा करते भी थे
इसीलिए तो सारे विपक्षी ,उनसे हरदम जलते भी थे
सत्ता को भी मारदीठोकर,लेकिन झुके नहीं सीधेसाधे
ऐसे अटल थे जिनके इरादे......-
वादे ग़र सच्चे होते तो टूटे इश्क के क़िस्से न होते....
बिखरे हुए टुकड़ों में दिलों के हिस्से न होते....-
कुछ ख्वाहिशें वक्त से पहले ही दम तोड़ देती है दावा तो बहुत करते हैं मोहब्बत का,पर
बीच राह में साथ छोड़ जाते है बेगानो की तरह-