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YourQuote
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Ek ladki thi anjani si,
kyun lagti thi pehchani si...

'Hai' se ho gayi wo 'thi'...
Naa jaane kyun chali gayi...

Naam hi khali pta tha mujhe,
Kash pta bhi pta hota...
Mil kar usko mana leta,
Par samay ne kaha ' kabhi phir beta' .

Uska milna mano kisi pari se milna sa tha.... Wo bilkul waisi thi jaisi koi ho hi nahi sakti... Usse shopping achha nahi lagta😍 Aur wo meri hi tarah aalsi hai... sleeping beauty thi wo meri...Har dam soote rehte hum dono...😅😅 Mai uska Mr Panda tha, aur wo meri Captain😍😍 Par wo safar hi nahi ho paaya.... Wo soote rehne ka sapna maano toot gaya ho.... Ho sakta hai ye meri khayali pulao ho..😁 ho sakta hai ki mai hi apne taraf se apne sapnon me udd raha tha... Mera zameen me girne ki wajah wo nahi thi.... Mera neend se uthna tha.... Ab jab utha hun, tab pata chala ki, wo sab toh bas ek sapna tha.... Umeed hai ki aisa sapna fir kabhi aaye.... Kuch der ke liye hi sahi par sukuun mil jaye... Bhale hi asliyat me wo mujhe naa mile....par neend me hi sahi wo sukh mil jaye.... So it seems this chapter comes to an end now.... Do I look gloomy? Nah, I am just happy, that nice people do exist.... Will I go for another voyage? Nah, I would rather be discovered.... I will let the nice person find me... Am I shy? No, I am just fed up with the time pass that people do.... I will rather wait for, as they say," the perfect one "... Am I gonna survive? Yes, I will... I will, with the beautiful memories that she gave.... So that was my story in a nutshell.... What is yours? Write a quote and tag me or use the hashtag #ghayallekhak to let me see your story.... Hasta La vista Adios Goodbye😊 #lovestory #story #mylife #forever #love #couple #dreams

भाग - 22

खनक ने सुप्रभात times जॉइन कर लिया था। वह यहाँ Sub Editors Group में थी। ये ग्रुप सीधा Editor को report करता था और editor आगे Editor in Chief को ...। Sid जैसे ही office के अंदर पहुँचा उसनें खनक को देखा...। ' अरे खनका तू..!!!!! ' 😁 वह खुशी से आश्चर्यचकित होते हुए बोला ' अरे Sidha ...!!!! ' 😀😄 खनक भी चहकते हुए बोली ' तू यहाँ कैसे ? ' 😮 sid ने पूछा ' मैं सुप्रभात times में sub-editor की post पर recruit हुई हूँ...' 😁😁 ' क्या बात कर रही है !!! वाह रे खनका congrats-congrats मतलब तू अब यहाँ काम करेगी हमारे साथ ...? ' 😉😊😁 ' बिल्कुल ...!!!! ' 😊 खनक मुस्कुराते हुए बोली ' oye क्या बात है , मज़े आ गये ......ओ बल्ले-बल्ले , ओ बल्ले-बल्ले ....' 😁😁😁😄😆 खनक और sid दोनों ख़ुशी मनाते हुए नाचने लगे...। सभी employees उन्हें surprise होकर देख रहे थे....। 😮😮इसलिए नहीं कि वो दोनों बेफ़िक्र होकर नाच रहे थे बल्कि इसलिए कि रुद्र अभी office में ही था...। जैसा सबको लगा ही था , रुद्र शोर सुनकर बाहर आया....। रुद्र ने बाहर आते ही देखा कि sid और खनक अपनी मस्ती में मस्त नाचे जा रहे हैं....। रुद्र थोड़ी देर तक उन्हें देखता रहा पर उन्हें कोई फ़र्क नहीं पड़ रहा था....। 😕😕 ' Excuse Me !!!! ये आप लोग क्या कर रहे हैं...? '😏 उसनें पूछा ' dance कर रहें हैं , आओ तुम भी कर लो...' 😆 खनक नें तुरंत जवाब दिया लोगो नें आजतक किसी को उनके chief को ऐसे पत्थर-तोड़ तरीके से जवाब देते नहीं देखा था....। उनकी आंखें फ़टी की फ़टी रह गई थी.....। 😮 रुद्र को गुस्सा आ गया...। ' Ms. Khanak Tripathi and Mr. Sidharth Bisht , आप दोनों को अगर कोई जश्न मनाना है तो मेरे office से बाहर जाकर मनायें , वहां आपको लोग इसके लिए pay भी कर देंगे...। यहां पर मेरे साथी employees काम करने आते हैं , ये फ़ालतू के dance numbers देखनें नहीं....' 😕 दोनों चुप हो गये...। 😐 ' Sorry Sir ! अगली बार याद रखेंगें.....(फ़िर Sid के कान में धीरे से ) की जब ये अकड़ू ना हो तब नाचे...' 😜 दोनों दबी हंसी हँसनें लगे....। 😝😝 ' क्या खुसर-फुसर हो रही है...? ' 😕 ' कुछ नहीं Sir ! हम आगे से ध्यान रखेंगें...' 😅 खनक मुस्कुराते हुए बोली ' Get back to work Guys...! ' 😒 रुद्र चले गया...। ' ऐ Sidha ! ये तुम्हारा दोस्त पहले भी इतना ही खड़ूस था या वक़्त ने किया कोई हसीन सितम...' 😛 खनक बोली ' क्या बताऊँ यार खनका...! इस बंदे का दिमाग़ है थोड़ा ठनका अब तू ही बता कोई solution इनका....' 😆😑 sid बोला ' अरे वाह-वाह ...!!!! यार तू तो poetry भी करनें लगा , किसी लड़की को दिल-विल तो नहीं दे बैठा ना तू...? ' 😜😜 ' यार ! अपनें लिए तो line लगी पड़ी है , ख़ूब appointments है पर अभी अपुन career पर फ़ोकस करेगा बच्चे...' 😛 ' अरे छा गया तू तो , चल अच्छा है और बता बाकी सब कैसे है ?' 😊 ' सब मस्त ! वानी ख़ुद के NGO में busy रहती है , seven sisters घूम रही है अभी और अर्जुन फिलहाल family business के सिलसिले में लंदन है.....साथ बैठे सालों हो गए हैं यार.....' 😊😅 sid सबको याद करता हुआ बोला ' और दीया ? वो तो यहीं होगी ? ' 😊 खनक नें पूछा Sid के चेहरे की हंसी एकपल में गायब हो गई , उसे समझ नहीं आ रहा था कि क्या कहे 😐 ' खनक ! मुझे कुछ important काम पूरे करनें है , वरना अपना अकड़ू चिल्लाएगा , मैं तुझसे बाद में बात करता हूँ...' 😓 sid बोला खनक कुछ बोलती उससे पहले ही sid वहां से चले गया ' अजीब बात है , दीया के बारे में कोई कुछ बता ही नहीं रहा...' 😮 खनक बोली हर महीने की तरह आज भी kothari's नें monthly briefing के लिए अपनें एक venture के employees को ख़ुद के corporate society club में बुलाया था..। आज सुप्रभात times की बारी थी...। लगभग सभी employees club में पहुँच चुके थे....। रुद्र अभी भी अपनें colleagues के साथ किसी बात पर discuss कर रहा था...। sid और खनक दूर खड़े होकर बात कर रहे थे...। ' इस रुद्र को हर जगज सिर्फ़ काम और काम ही दिखता है क्या ?' 😏 खनक sid से बोली ' हां यार ! बंदा बड़ा Dedicated है...' 😅😜 ' इतना dedication भी अच्छा नहीं है , ऐसा लग रहा है कि दीया नहीं बल्कि सुप्रभात times इसकी love lady हो...' 😛😂 खनक ये बोल हँसनें लगी , sid कुछ बोलता उससे पहले ही.... ' Ladies and Gentlemen ! आप सबका यहां आने के लिए शुक्रिया। आज मैंनें आप सबको सिर्फ़ monthly briefing के लिए नहीं बुलाया है बल्कि एक और बड़ी घोषणा मुझे आपके सामनें करनी है.....। Mom के इस newspaper के Managing Director का पद छोड़ देने के बाद से ये पद खाली है , तो मैं आज आप सभी को आपकी नई Managing Director से मिलवाना चाहता हूँ.....। ' 😊😊 वंश ने कहा रुद्र ये सुनकर बातें करता करता रुक गया , वह पलटना चाहता था लेकिन उसका वजूद उसे पीछे पलटकर देखनें की इजाज़त नहीं दे रहा था...। ' Please Welcome The New Managing Director of "सुप्रभात times" Mrs. Diya Singh Kothari......!!!! ' 😊😊 वंश ने घोषणा की और उसी के साथ तालियों की गड़गड़ाहट के बीच दीया सबके सामनें आई.....। रुद्र को अब पलटना ही था...। इसी दिन का उसे पिछले 5 सालों से इंतजार था....। sid भी तुरंत रुद्र की तरफ़ चिंता में भागा.....।😓 खनक नें दीया को देखा , उसकी आंखों को यकीन नहीं हो रहा था कि ये सब क्या हो रहा है...? वह कुछ समझ ही नहीं पा रही थी...।😮 रुद्र पीछे मुड़ा , उसनें दीया को देखा......। पिछले पाँच साल में आज पहली बार रुद्र की आंखों में आँसूं नज़र आये...। पर वो उन आंखों से गिरते उससे पहले ही गुस्से की आग नें उन्हें भाप बना दिया था.....। रुद्र के हाथ में मौजूद काँच का वो ग्लास रुद्र के इस गुस्से का शिकार बन चुका था....। उसके हाथ से निकलता खून उसे पल-पल दीया की बेवफाई का एहसास दिला रहा था...। दीया सामनें से अपनें पति वंश के साथ आ रही थी....। पैसों और शौहरत की चमक नें उसे और खूबसूरत बना दिया था , लेकिन शायद सिर्फ़ रुद्र जानता था कि असल में वो कितनी बदसूरत थी..। ' आओ dear तुम्हें मैं उस इंसान से मिलाता हूँ , जिसके बदौलत ही आज हमारा newspaper बुलंदियों को छू रहा है....' 😊 वंश ये बोलते हुए दीया को रुद्र के सामनें ले गया.... दीया नें जैसे ही सामनें देखा , उसके पैरों तले ज़मीन खिसक गई....। उसे लगा कि कहीं उसकी आंखें धोखा तो नहीं दे रही है। उसका कल आज फ़िर उसके सामनें खड़ा था.....। 😮😮 ' इनसे मिलो दीया ! ये हैं Mr. Rudra Pratap Vashishth...... हमारे सुप्रभात times के Editor in Chief.....The best in business.....इन्होंने मात्र 3 साल में सुप्रभात times को देश का सबसे बड़ा newspaper बना दिया है...' 😊 वंश मुस्कराते हुए बोला ' hello Mam !!! ' 😊 रुद्र के चेहरे पर बनावटी मुस्कान थी दीया अभी तक इस अप्रत्याशित मुलाकात से संभल नही पाई थी...। ' दीया ! क्या हुआ ? तुमनें पहचाना नहीं , अरे ये हमारे ही कॉलेज के pass-out हैं , infact तुम्हारे batch के ही , शायद तुमनें एक बार बताया भी था मुझे कि आप दोनों दोस्त रह चुके हैं...' 😊 वंश बोला दीया अब थोड़ी संभल चुकी थी...। ' हां वंश ! तुमनें सही कहा ( रुद्र की तरफ़ देखते हुए ) Hi रुद्र ! Nice to meet you again...' 😐 वह विनम्रतापूर्वक बोली हालांकि उसके चेहरे से मुस्कुराहट बिल्कुल गायब थी... ' बहुत जल्दी क़ामयाबी के शिखर पर पहुँच गई है आप...!'😏 रुद्र बोला ' Thanks...!!! ' 😊 वह फ़ीकी सी मुस्कान लिए बोली ' चलो dear ! तुम्हें बाकी सब से भी मिलवा देता हूँ...' 😊 वंश ये कहते हुए दीया को वहां से आगे ले गया....। दीया ने पीछे मुड़कर देखा , रुद्र लगातार उसे देखे जा रहा था....। ' Welcome to Hell Diya ...!!!!! ' 😕😠 वह धीरे से बोला खनक का दिमाग़ अब जवाब दे रहा था...। उसे जानना था कि ये सब क्या हो रहा है , वह ये सब पूछने दीया की ओर बढ़ ही रही थी कि sid ने उसका हाथ पकड़ कर उसे पीछे खींच लिया , वह वहां से उसे बाहर ले आया....। ' Sid ! ये क्या हो रहा है...ये दीया वहाँ कैसे ,मतलब.....?' 😮 ' सब बताता हूँ.......! ' 😓 sid ने कहा Sid ने खनक को सब बातें बताई.....। दीया-रुद्र का प्यार , दीया का धोखा , रुद्र का टूटना फिर दीया के सामनें बड़ा बनकर दिखाने का जुनून और रुद्र का बदला हुआ स्वभाव......। खनक के आंखों में आँसू थे.....। वह समझ गई थी कि रुद्र पर क्या बीती होगी....शायद इस बात नें उसके किसी पुरानें ज़ख्म को भी फ़िर से हरा कर दिया था....। कुछ ऐसा जो शायद खनक की ज़िंदगी का भी सबसे मुश्किल पल था......। ' इन पाँच साल में जो दर्द रुद्र ने अपनें सीने में दबा के रखा हुआ था , आज उस दीया को देखते ही वो फ़िर से बाहर आ गया होगा....और उस दर्द की तड़प कितनी ज़्यादा है , ये शायद रुद्र के अलावा और कोई नहीं समझ सकता....' 😟😩 Sid ने दुःखी होते हुए कहा ' लेकिन हम वो दर्द बाँट तो सकते हैं ना.....' 😦 खनक ने कहा Sid उससे कुछ पूछता उससे पहले ही वो चली गई.... ' खनक !!!! .....कहाँ जा रही हो रुको.....!!!! ' 😓 वह पुकारता ही रह गया रुद्र club house के पीछे वाले गार्डन में बैठा हुआ था....। उसकी आँखों में आँसूं थे , वह नहीं चाहता था कि कोई उस रुद्र को देखे जिसे वो बहुत पहले ख़ुद से मिटा चुका है.....। खनक रुद्र को ढूंढते हुए वहां पहुंची.....। खनक नें धीरे से रुद्र के कंधे पर हाथ रखा.....। रुद्र नें मुड़कर देखा ' तुम यहाँ क्या कर रही हो....? ' 😒 रुद्र ने बेरुखी से पूछा ' Don't worry ! मैं यहां तुम्हें सहानुभूति देनें नहीं आई हूँ , बस एक कहानी सुनानें आई हूँ....' ☺ ' कहानी !!!! कैसी कहानी...? ' 😮 रुद्र ने पूछा ' एक भंवरा था , और भंवरों की तरह उसे भी फूलों से , प्रकृति से बहुत लगाव और प्रेम था...। वो एक सुंदर से बागान में अपनें साथी भंवरों के साथ प्रेम और मस्ती से रहता था...। मानों उस बागान की जान था वो भंवरा....। उस भंवरे को एक सुंदर फ़ूल बहुत पसंद था , पर वह उसे दूर से ही निहारता रहता , एक दिन उसनें हिम्मत कर के उस फ़ूल के करीब आनें की कोशिश की लेकिन वह जैसे ही उस फ़ूल के नजदीक आया , उस फ़ूल पर लगे कांटों नें उसे ज़ख्मी कर दिया....। इस बात नें भंवरे के मन में एक ग़लतफ़हमी पैदा कर दी कि हर खूबसूरत एहसास के पीछे एक मतलब , एक स्वार्थ छुपा होता है.....। वह भंवरा उस बागान से बहुत दूर चले गया और फ़िर कभी उस ओर लौट के नहीं आया........' 😧😕 रुद्र समझ चुका था कि यहां किसकी बात हो रही थी....। ' वो भंवरा अब सम्भल चुका है , जिंदगी के दांवपेंच अच्छे से सीख गया है , उसे पता है कि क्या सही है और क्या गलत......और सबसे जरूरी बात उसे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि बागान में क्या हो रहा है....'😓😒 रुद्र ने कहा ' फ़र्क पड़ता है ! बिल्कुल फ़र्क पड़ता है......। वो उस बागान को , बाकी भंवरों को बहुत याद करता है और अभी भी वही कर रहा है...' 😧 खनक रुद्र को देखते हुए बोली रुद्र ने अपना चेहरा फेर लिया....। खनक नें आगे कहा ' लेकिन सिर्फ़ उस एक फ़ूल के कारण उसने सबको ख़ुद से पराया कर दिया......यहां तक कि उनको भी जिनसे उसकी ज़िन्दगी थी...' 😟 रुद्र कुछ नहीं बोला , उसकी आँखों के वो आँसू अब आंखों में फ़िर से चमक उठे थे...। 😢 ' वो बागान , वो भंवरे सब उसको बहुत याद करते हैं जैसे वो उन्हें करता है...... पर जताता नहीं है , बस यूं ही कहीं अकेले में गुमसुम हो कर रो लेता है....( रुद्र के कंधे पर हाथ रखते हुए ) वो सब उसे वापस बुला रहें हैं.....उसी रूप में जैसा वो पहले था.....उसी प्यार के साथ....। ' 😊 खनक बोली रुद्र वहां से खड़ा हो गया.....। ' वो भंवरा अब जानता है कि उस बागान में उसे सिवाए दर्द और कांटो के कुछ नहीं मिलेगा.....अब वो भंवरा वहाँ तभी लौटेगा जब वो उस फ़ूल को उसके काँटों सहित जड़ से उखाड़ फेंकेगा....'😬 रुद्र गुस्से में बोला खनक भी खड़ी होकर उसके नज़दीक गई...। ' प्यार से इतना भागनें क्यों लगे हो तुम ??? ' 😦 वो एक कड़वी सी हंसी आई रुद्र के चेहरे पर... ' जब तुम किसी से बेइंतहा मोहब्बत करोगी और वो तुम्हारे साथ चलते चलते अचानक से ऐसे निकल जायेगा की तुम्हारे साथ हो ही ना....तुम वो दर्द तब समझोगी....।' 😔😔 रुद्र ने कहा ' जब आप किसी को सबकुछ मान लो और वो आपको सिर्फ़ सामान की तरह इस्तेमाल कर छोड़ दे... वो दर्द क्या होता है....(हंसी वही थी बस अब चेहरा बदल गया था ) छोड़ो....तुम नहीं समझ पाओगे......। ' 😢😢 खनक ने कहा रुद्र नें खनक की तरफ़ देखा.....। 😮 खनक नें बोलना शुरू करा ' उस दिन मेरी सगाई होनें वाली थी अनुराग के साथ , मैं बड़े excitement में अनुराग का इंतजार कर रही थी....। अपने प्रेम के साथ जो बड़े-बड़े सपनें मैंने देखे थे वो सब अब पूरे होने वाले थे....। शाम 5 बजे का मुहूर्त था लेकिन अनुराग 8 बजे तक नहीं आया , वो 3 घंटे मेरी life का सबसे बेचैनी वाला समय था...। अनुराग 8 बजे आया और आकार पता है क्या बोला कि sorry खनक ये सगाई नहीं हो सकती , क्योंकि मैं तुमसे प्यार नहीं करता....। मुझे विश्वास ही नहीं हुआ कि वो क्या बोल रहा है , मुझे लगा मानो मैं कोई बुरा सपना देख रही हूँ....' रुद्र गौर से सुन रहा था...। ' फ़िर ....??? ' 😮 ' मैंनें उसे बहुत समझाया कि हम एक दूसरे से प्यार करते हैं तो फ़िर ये एक दिन में तुम्हें क्या हो गया....वो बोला कि तुम बहुत unpractical लड़की हो , पागल हो , तुम्हें कब क्या सूझ जाए कुछ पता नहीं और मैं तुम जैसी लड़की के साथ पूरी life spend नहीं कर सकता.....। मैं बहुत रोई , बहुत चीखी-चिल्लाई पर उसे कोई फ़र्क नहीं पड़ा......और वो चले गया.....। ' 😥 खनक की आंखें नम हो गई थी रुद्र को ये सब सुनकर झटका लगा था....। ' जानते हो , तुम्हारी तरह मैंनें भी ख़ुद के जज्बातों को इसी तरह कैद कर लिया था....। बिल्कुल बदल सी गई थी मैं , गुमसुम और बदहवास सी रहती थी....लगता था कि शायद मैं हूँ ही ऐसी की कोई मुझसे प्यार नहीं कर सकता या शायद मैं उन्हें वो प्यार नहीं दे सकती.......पर फिर मुझे एक बात समझ आई कि असली प्यार वो होता है जो आपको जैसा है वैसे ही स्वीकार करे और उसी रूप मे प्यार दे......। वो प्यार ही क्या जो आपको बदल कर स्वीकार करे...' 😒 ' क्या अब भी तुम उस प्यार पर भरोसा रखती हो ? उस प्यार पर जिसनें तुमसे तुम्हारी खुशियाँ छीन ली , जिसके कारण तुम्हें इतनीं तकलीफ़ पहुँची....? ' 😕😬 रुद्र ने पूछा ' हां बिल्कुल करती हूं....। अगर मेरी नाव में खोट थी तो उसमें नदी का क्या दोष....? मैंनें उस नदी को आनंद लेना चाह उस खोटी नाव के साथ तो इसमें उस नदी की गलती नहीं है....' 😊 इतनीं गहरी बात रुद्र के जहन में आई ही नहीं थी....वह कुछ नहीं बोला.....। ' और फ़िर मैंनें सोच लिया कि मैं जैसी हूँ हमेशा वैसी ही रहूँगी , और हमेशा दूसरों की जिंदगी प्यार और खुशियों से रोशन करती रहूँगी.....क्या पता मुझे भी इन सब के बीच कोई Mr. Perfect मिल जाये , जो सिर्फ़ मेरे लिए ही बना हो......( खनक नें अपनें आँसू पौंछें...) और अगर नहीं मिला तो भी कोई गम नहीं....तो बस देख लो मुझे.....हूँ ना बिल्कुल Impractical types....' 😉😉 खनक wink करते हुए बोली इस पूरे समय में पहली बार रुद्र के चेहरे पर एक हल्की मुस्कान आई.... वैसी जिसमें कोई कपट नहीं था....। वह खनक के पास आया ' खनक ! तुम बहुत strong लड़की हो , लेकिन सब इतनें strong नहीं होते हैं.....' 😐 खनक नें रुद्र का हाथ थामा ' पर हम कोशिश तो कर सकते हैं ना....' 😊 रुद्र नें तेजी से खनक का हाथ छिटक दिया और उससे दूर चले गया..। ' तुम्हारी और मेरी जिंदगी का मकसद बहुत अलग है खनक...! और मेरे मकसद में मुझे अकेले ही चलना है.....और मैं वो मकसद पूरा कर के रहूँगा....' 😑😕 रुद्र ने कहा ' कैसा मकसद....??? ' 😮 खनक नें पूछा रुद्र को एकदम से याद आया कि वो कितनी बड़ी गलती करनें जा रहा था....। अपनें मकसद के बारें में उसे किसी को नहीं बताना था और खनक को तो कतई नहीं....। ' खनक ! रात बहुत हो गई है , अब तुम्हें घर चले जाना चाहिए....। ये club शहर से थोड़ा outer में है। ज्यादा late हो जाओगी तो तुम्हें फ़िर से कोई ट्रांसपोर्ट नहीं मिलेगा...' 😐 रुद्र बात घुमाते हुए बोला ' अरे ! मुझे late होनें से क्या दिक्कत.....मेरे पास ख़ुद का emergency driver जो है...' 😄😋😋😉 खनक अपनें चुलबुले अंदाज में रुद्र की तरफ़ देखते हुए बोली रुद्र नें खनक को घूर कर देखा 😏 ' May I tell you Ms. Khanak ! अगर आप ये सोचती है कि मैं हर दिन आपकी सेवा में हाजिर हो जाऊँगा तो I'm sorry पर आप गलत है.....चुप-चाप यहां से रवाना हो जाओ क्योंकि आज अगर तुम्हें कोई ट्रांसपोर्ट नहीं मिला ना तो मैं तुम्हारी मदद करनें बिल्कुल नहीं आऊँगा...' 😕 ' अरे मैं तो कभी सोचती भी नहीं हूँ पता है तुम्हें...!!! पर तुम मेरे बिना सोचे ही आ जाते हो.....automatic.....' 😜😄 खनक मुस्कुराते हुए बोली ' Nonsense...!!! ' 😒 रुद्र नें कहा और चले गया खनक को club house के बाहर खड़े हुए पूरा 1 घंटा हो गया था पर ना तो रुद्र और ना ही कोई public ट्रांसपोर्ट वहाँ से निकला था...। खनक परेशान हो चुकी थी...। ' एक तो ये public ट्रांसपोर्ट वाले भी ना , मन तो करता है इनका गला दबा दूँ , एक बार मेरी bike आ जाये तो इनको ओवरटेक कर-कर के परेशान कर दूंगी , I swear.....' 😓😬😬 कुछ ही देर और हुई थी कि खनक को गाड़ी का हॉर्न सुनाई दिया , उसनें पीछे मुड़ कर देखा.....रुद्र अपनी गाड़ी में बैठा हॉर्न बजा रहा था...। खनक के चेहरे पर 1100 वॉट का बल्ब जल गया , उसकी सारी थकान एकपल में गायब हो गई....। 😄😄😁 ( ऐ खनक ! तू फ़ालतू में इतनीं चिंता करती है , शहर चाहे नया हो या पुराना , तेरा Superman हैं ना.....मदद करनें पहुँच ही जाता है....) ' तुम्हें कहा था ना ये जगह शहर के थोड़ी बाहर है जल्दी चले जाओ वरना अटक जाओगी.....' 😕 रुद्र ने कहा खनक कुछ नहीं बोली , वह बस मंद-मंद मुस्कुराती रही.....। 😄 उसे पता था रुद्र अब क्या बोलनें वाला है...। ' अब बैठो अंदर...! ' 😣 रुद्र ने अकड़ते हुए कहा खनक खिलखिलाते हुए जल्दी से अंदर आ कर बैठी...। खनक अपना मुहँ खोलनें ही वाली थी कि... ' अगर.......I repeat अगर पूरे रास्ते में तुमनें कुछ भी चपड़-चपड़ की तो याद रखना वहीं पर गाड़ी से उतार दूँगा....समझी तुम...!!!' 😕😕 ' हम्म्म्म....हम्म्म्म.....हम्म्म्म...!!!!!! ' 😯😯 खनक नें तुरंत अपनें मुँह पर उंगली रखी और हुंकार भरने लगी ' ये हम्म्म्म-ह्म्म्म भी नहीं चाहिये मुझे.....ok !!! ' 😏 रुद्र बोला ' हम्म्म्म.....!!!!!! ' 😯 खनक फ़िर वही ' Totally Intolerable....!!!! ' 😏😕 रुद्र गाड़ी स्टार्ट करते हुए बोला ( आंखों में टशन , चेहरे पर गुस्सा और बातों में फ़िक्र.....लगता है मेरा superman तो मेरा दिल लेकर ही मानेगा......अकड़ू साला...!!!! 😘 )😄😄😉😄😄😅 खनक टेढ़ी नज़रों से मुस्कुराते हुए रुद्र को देखते हुए सोचे जा रही थी....। To be continue..... #इश्का_भाग-22 #yqbaba #yqtales #lovestory #love #हिंदी #yqhindi #इश्क़

ਤੇਰੇ ਮੁਸ਼ਕੁਰਾਣੇ ਕਾ ਅਸਰ ਸੇਹਤ 
ਪਰ ਹੋਤਾ ਹੈ ਲੋਕ ਪੁਸ਼ਤੇ ਹੈ ਦਵਾ ਕਾ 
ਨਾਮ ਕਿਆ ਹੈ

ਤੇਰੇ ਮੁਸ਼ਕੁਰਾਣੇ ਕਾ ਅਸਰ ਸੇਹਤ ਪਰ ਹੋਤਾ ਹੈ ਲੋਕ ਪੁਸ਼ਤੇ ਹੈ ਦਵਾ ਕਾ ਨਾਮ ਕਿਆ ਹੈ #lovestory #lovequotes #lovelife #happiness