At the face of disgrace,
They named me Krishnaa.
At the expense of my dignity,
They made me Sita!
And when boundaries broke for my defense,
They branded me Medusa.-
RAJANITI
If you are a friend of the king, you are never a thief....
RAJA-DHARMA
The king will punish the thief even if he is a friend....-
The Gods have to patiently watch the struggles and the suffering of the mankind, who fetter themselves.
Like a parent dealing with a stubborn but stupid child,all God can do is love as humans struggle with animal instincts within & the forest outside,
so as to live in Dharma.-
कृष्ण
राधा जिसके प्यार में बावरी थी,
जिसकी बासरी मधुर स्वरोसे भारी थी,
जिसकी लीलाये सारे संसार को लुभाती थी,
सुदामा और अर्जुन के दोस्ती जिससे न्यारी थी,
मीरा की भक्ति जिस तरह सबसे निराली थी,
उस कृष्ण की तरह कोई और नही बस उसकी ही छबि थी।
ऐसे कृष्ण की जन्माष्टमी की शुभकामनाएं-
कमजोर ना समझना मुझको।
मैं लौट कर आ रहा हूँ।
गर्व से संग अपने तिरंगे को,
अपने संग ला रहा हूँ।
उड़ने का शौक तो बचपन से था मुझको।
ऐ वतन अब हो जाए हम सब एक जुट,
ये सपना लिए में घर को चल दिया हूँ।-
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That trouble and pain which the parents undergo on the birth of their children, cannot be compensated even in a hundred years.
Manu Smriti 2|227-
Hogi Rukmani raani , karishna ke Dwaraka ki!
Log to satyug se kalyug tak Radha ke hi geet gaate hain !!
#MaiBaniTeriRadha-
~ यग्नसेनी ~
आँखों में सूरज लेकर जन्मी थी,
चरणों में किरणें लेकर जन्मी थी,
यज्ञ से यग्नसेनी जन्मी थी।
हृदय में अग्नि लेकर जन्मी थी,
मुख पर तेज लेकर जन्मी थी,
यज्ञ से यग्नसेनी जन्मी थी।
संसार की सारी अपवित्रता लेकर संसार को पवित्र करने जन्मी थी,
सारे अन्याय सहकर संसार को न्याय दिलाने जन्मी थी,
यज्ञ से यग्नसेनी जन्मी थी।
युग परिवर्तन का कारण बनकर जन्मी थी,
एक कुल का विध्वंस करने जन्मी थी,
यज्ञ से यग्नसेनी जन्मी थी।
अधर्म का नाश करने के लिए जन्मी थी,
धर्म की पुनः स्थापना करने के लिए जन्मी थी,
यज्ञ से यग्नसेनी जन्मी थी।
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