आलोक शर्मा   (आलोक अज्ञानी)
1.6k Followers · 27 Following

read more
Joined 21 June 2018


read more
Joined 21 June 2018

मुझे भी अब मेरे मेहबूब का भी दीद हो जाये
मेरा भी चाँद मिल जाए मेरी भी ईद हो जाये

-


Show more
11 likes · 1 comments · 1 share

गज़ल

वो समझता है मैं उसपे मरता नहीं
वो समझता है मैं प्यार करता नहीं

मुझसे ही मेरे अपने ख़फा हो गये
यूँ तो मैं दुश्मनों से भी डरता नहीं

तेरे दीदार की तिश्नगी है मुझे
वरना देखा किसी को यूँ करता नहीं

इस जगह पर तुम्हारा ये घर है बना
वरना यूँ हर शहर से गुज़रता नहीं

-


Show more
23 likes · 2 comments

फिर उसे कोई शिकायत न होती
उफ्फ न करता ग़र मुहब्बत न होती

-


Show more
16 likes · 2 comments

आँसू नहीं आते हैं
अंदर से रोता है
आदमी की जात है साब
दर्द तो होता है

-


Show more
8 likes

परेसां हूँ , अक्सर सो नहीं पाता
मैं जिसका हूँ उसी का हो नहीं पाता

-


Show more
12 likes

मैं बुरा हूँ तुम भले हो है भला संसार ये
मैं गलत हूँ तुम सही हो है हुआ हर बार ये

-


Show more
18 likes · 2 comments

मुझे पढ़ पाना हर किसी के लिए मुमकिन नहीं
मैं वो किताब हूँ जिसके पन्ने फटे हैं 😂

-


Show more
20 likes · 2 comments

गज़ल (अनुशीर्षक में पढ़ें)
बेव़फा ही आदमी की ज़ात होनी चाहिए

-


Show more
16 likes · 4 comments

कान्हा को मस्जिद में वो खोजा करती है
वो लड़की हिंदू है और रोजा रखती है

-


Show more
17 likes

मैं प्यासा मदिरा का हूँ और
तुम मदिरा सम पानी
मैं अल्हड़ अज्ञानी हूँ और
तुम गंभीर सयानी

-


Show more
15 likes

Fetching आलोक शर्मा Quotes

YQ_Launcher Write your own quotes on YourQuote app
Open App