Yansi Keim   (Yansi Keim)
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Joined 7 December 2016


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Joined 7 December 2016
17 FEB AT 4:49

कुछ अलग सा जोश है
तुमसे मिलने के बाद,
ना जाने क्या होता मेरा
जो मिलते तुम बरसों बाद ||

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14 FEB AT 13:14

क्यों ना हो अल्फ़ाज़ खफा,
निभाये जो वो इतनी वफ़ा ?

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14 FEB AT 12:59

अल्फ़ाज़ मेरे गुम है, आखें मेरी नम,
क्यों जकड़ा है इन धड़कनो को
जैसे मेरी साँसे हो तुम ?

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14 FEB AT 12:53

हैरत है कि अल्फ़ाज़ नहीं आज तेरे रुलाने पर,
ये अश्क है उन वादों का जो खायें हाथ थाम कर ||

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12 FEB AT 13:52

हरि जाने मेरे मन की बातें,
सुख या दुख हर जन की बातें ||

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12 FEB AT 13:32

Expression of love कह कर
जो हाथ मुझ पर उठाते हो,
ये हाथ जब मैं उठाऊं तो issue क्यों बनाते हो?

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12 FEB AT 13:28

जाने किस सदी की रीत है,
जहां चरण वही प्रीत है ?

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12 FEB AT 13:04

कोई तुमसे अगर प्यारा हो,
तो वो काश ना हमारा हो ||
कोई तुमसे प्यारी बातें करें,
नैन मूंद पर सोचे हमें,
वो मनुज किसी का सहारा हो,
बस वो काश ना हमारा हो ||

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10 FEB AT 13:39

कुछ सुस्त थी फिज़ा जिस दिन हम मिले,
वो नैना मिलते ही, कुछ अच्छे तुम लगे ||

उन मोड़ो को पार कर हुई कुछ बातें,
वो नैना तुम्हारे वाकिफ, सारी बातें बताते ||

यू घंटा भर चल कर, अभी जानना था कुछ और,
जी चाहा पूछ लूं मगर मन था बड़ा चोर ||

इधर-उधर के किस्सों में फज़ा हुई जवां,
उसी मंजर दिल ने कहा कि अब बस इनसे होगी वफा ||

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2 FEB AT 16:31

लफ्ज़ से लफ्ज़ है टकराते, तो बनती ग़ज़ल हैं |
हम रूबरू हुऐ इस कदर आप से,
जैसे झील का कमल हैं ||

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