Supriya Mishra   (Whitebird)
11.4k Followers · 459 Following

YourQuote.

Writer, Poet, Performer and sketch artist.

Follow me on Insta: Whitebird_7
Joined 29 October 2016


YourQuote.

Writer, Poet, Performer and sketch artist.

Follow me on Insta: Whitebird_7
Joined 29 October 2016
Supriya Mishra 3 DEC 2019 AT 12:44

अपने कपड़ों की लंबाई नापते हुए
उसे हमेशा ये ख्याल रहा कि
कृष्ण के चीर से बस ढकी जा सकी थी
द्रौपदी की लाज
कपड़े का कोई टुकड़ा इतना लंबा नहीं हो पाया
जो बन सके दुर्योधन की फांसी का फंदा।

(कविता अनुशीर्षक में)
- सुप्रिया मिश्रा

-


Show more
1233 likes · 65 comments · 33 shares
Supriya Mishra 2 DEC 2019 AT 23:58

ज़रूरी है काट दिया जाना
हर वो पांचवा सर जो
नज़र बुरी डालता हो किसी शत्रुपा पर।

- सुप्रिया मिश्रा

-


383 likes · 18 comments · 7 shares
Supriya Mishra 24 NOV 2019 AT 14:05

पानी भर कर आंखों में
तेरी खुशियों की खातिर
अपने प्यारे तारों को
चांद ने फेंक दिया होगा।

- सुप्रिया मिश्रा

-


373 likes · 27 comments · 4 shares
Supriya Mishra 20 NOV 2019 AT 23:47

एक एक अक्षर को
सलीके से पिरोते हुए-
जैसे कोई मां
अपनी बेटी के बाल गूंथती है,
मात्राओं का ध्यान रखते हुए-
जैसे कोई बाप
अपने बच्चे की
चुपके से जेब टटोलता है
मैं तुम्हारा नाम
अपने नाम के साथ सजाती हूं
और उसे निहारती हूं।
जैसे कोई बच्चा
घर में हुए एक
नवजात शिशु को।

- सुप्रिया मिश्रा

(पूरी कविता अनुशीर्षक में)

-


Show more
1398 likes · 46 comments · 14 shares
Supriya Mishra 17 NOV 2019 AT 5:57

समंदर की लहरें
मेरे क़दमों में
यूं दम तोड़ देती हैं
जैसे मर जाता है
किसी के क़दमों में
अपने घर को बचाने की
गुहार लगाता किसान

- सुप्रिया मिश्रा

-


349 likes · 19 comments · 9 shares
Supriya Mishra 15 NOV 2019 AT 2:56

चांद से पूछो कभी तो
रात की बातें सभी
उस रात की क्या बात थी जब
चांद को चोंटे लगी।

- सुप्रिया मिश्रा

-


Show more
400 likes · 28 comments · 5 shares
Supriya Mishra 14 NOV 2019 AT 14:02

सामान्य दिखने वाली आपकी चाय में कितना नमक है, ये सिर्फ और सिर्फ आप जान सकते हैं। सामने खड़े व्यक्ति को को वो चाय तब तक साधारण ही लगेगी जब तक उसका स्वाद वो खुद ना चख ले।
ठीक उसी तरह आपके जीवन में आपकी खुशी, आपके गम, और आपकी तबियत का स्वाद सिर्फ आप जानते हैं।

डिप्रेशन सच है।
उतना ही सच, जितने मै और आप और हमारे शरीर में होने वाली कोई भी बीमारी।

इंसान जब एक बार खुद को तन्हा और बेबस महसूस करता है, और फिर करते ही जाता है तो मानो उसके हाथ से उसका सब कुछ छूटने लगता है। एक एक कर के सब कुछ छूटने लगता है।
खुश रहना कौन नहीं चाहता।
आपका ये कहना कि "खुश रहा करो" ठीक वैसा ही है "ख़ुश तो सब होते हैं, तुम्हें शायद महसूस करना नहीं आता"।

खैर, डिप्रेशन सच है।

-


222 likes · 15 comments · 5 shares
Supriya Mishra 7 NOV 2019 AT 19:18

चाहिए जो सुलझाए गहराइयां बवंडर की
समुंदर के मुसाफ़िर को किनारा नहीं चाहिए

- सुप्रिया मिश्रा

-


349 likes · 17 comments · 12 shares
Supriya Mishra 2 NOV 2019 AT 21:36

मैं चाहती थी आंख मिलाए, हाथ फेरे
उसने मगर हाथ मिलाए, आंखें फेर ली

- सुप्रिया मिश्रा

-


439 likes · 37 comments · 6 shares
Supriya Mishra 28 OCT 2019 AT 13:47

रूठ जाओ, रोक लो, जाने ना दिया करो
समझा करो मुझे, इतना ना समझा करो

- सुप्रिया मिश्रा

-


Love is about fighting for love.

#love #life #lovequotes #hindishayari #pyar

392 likes · 23 comments · 4 shares

Fetching Supriya Mishra Quotes

YQ_Launcher Write your own quotes on YourQuote app
Open App