Supriya Mishra   (Whitebird)
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Joined 29 October 2016


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Supriya Mishra 9 HOURS AGO

कल शाम
बादल गरज रहे थे।
कल शाम
बहुत देर तक बरसात हुई।
कल सुबह
देखा था मैंने
कुछ बादल,
दो बादलों को
ज़बरदस्ती
दूर
खींचे ले जा रहे थे।

- सुप्रिया मिश्रा

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Supriya Mishra 24 MAY AT 17:29

......

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Supriya Mishra 20 MAY AT 18:16

इस पॉलीथीन में
कितने ethylene molecules होंगे
ये सोचते हुए
एक लड़की
काली polythene
लेने से मना कर देती है,
और एक भूरे कागज़ के ठोंगे को
हाथ में दबाए,
ये सोचती हुए चल देती है
कि वो आज
पति से
क्या बहाना करेगी।

- सुप्रिया मिश्रा

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Supriya Mishra 18 MAY AT 12:04

In the end, we are all going to be alone.
Till that happens, climb up the highest place to be alone at.
The rest of the world looks better from there.

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Supriya Mishra 16 MAY AT 23:05

पंद्रह दिन लगते हैं
चांद को रात हो जाने में।

मोहब्बत के लिए
एक पक्ष ज़रूरी है।

- सुप्रिया मिश्रा

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Supriya Mishra 15 MAY AT 0:07

भूगोल की कक्षा में
अव्वल आई लड़की,
बनाती है नक्शे
कई देशों के
और
उन्हें तवे पर सेंक देती हैं।

- सुप्रिया मिश्रा

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Supriya Mishra 14 MAY AT 0:25

मुझसे मोहब्बत करना
तो बेइंतेहा करना।
मुझसे मोहब्बत करना
तो लिपट जाना मुझसे ऐसे
जैसे कोई बेल
किसी पेड़ से लिपटती है,
कुछ ऐसे कि तुम्हें
मुझसे दूर करने का
महज़ प्रयास ही
तुम्हें तुमसे दूर करना हो,
कुछ ऐसे, कि कुछ समय बाद
मुझमें मुझसे ज़्यादा,
तुम रहो।
तुम मेरे दिलो दिमाग पर चढ़ जाना
ऐसे कि मैं खो दूं
ख़ुद को, तुम में,
कुछ ऐसे कि मैं सूख भी जाऊं
तो मुझे सूखने का गम ना हो।
कुछ ऐसे कि मैं हरी रहूं
काली पड़ने के बाद भी।

- सुप्रिया मिश्रा

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Supriya Mishra 12 MAY AT 22:21

वो उलझी रहती है अपनी ही शाखों में
माँ को सबके भूख की फिक्र सताती है।
काँच के कप में छान सूरज की किरणें
माँ हौले से कमरे का पर्दा उठाती है।

- सुप्रिया मिश्रा

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Supriya Mishra 9 MAY AT 13:07

खुदा के सारे एहसान मुबारक
मुबारक, तुम्हे रमदान मुबारक

महीना ये जो मौसम - ए - बहार और
हो तुम्हे ये पहला चांद मुबारक

ज़कातें, ये रोज़े और तरावीह
मिरे यारा एतेकाफ मुबारक

मुहब्बत है खुदा की इबादत
खुदा के बंदे शव्वाल मुबारक

किसी गरीब बच्चे की सहरी और'
किसी भूखे का इफ्तार मुबारक

खुशियां ये सालों साल मुबारक
मुबारक, तुम्हे रमदान मुबारक

- सुप्रिया मिश्रा

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Supriya Mishra 8 MAY AT 11:15

तेरा आना, तेरा जाना, तेरा ना आना ना जाना
ऐसे ही दिल में नदियां, रेगिस्तान बनाती हैं

- सुप्रिया मिश्रा

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