Supriya Mishra   (Whitebird)
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Supriya Mishra 1 APR AT 21:11

Whitebirdtrails

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Supriya Mishra 18 MAR AT 19:59

.......

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Supriya Mishra 21 FEB AT 7:08

ढूंढ़ते रह जाएंगे उनको आप यहां से वहां
कह गए हैं जो यहां रुको में वहां आता हूं।

- सुप्रिया मिश्रा

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Supriya Mishra 13 FEB AT 15:44

होंगे और वो जो मूंद कर आंखें तेरे होंठो को चूमेंगे
है कवि को हुनर खुली आंखों से ख्वाब जीने का

- सुप्रिया मिश्रा

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After long on kiss day
❤️

#kiss

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Supriya Mishra 3 DEC 2019 AT 12:44

अपने कपड़ों की लंबाई नापते हुए
उसे हमेशा ये ख्याल रहा कि
कृष्ण के चीर से बस ढकी जा सकी थी
द्रौपदी की लाज
कपड़े का कोई टुकड़ा इतना लंबा नहीं हो पाया
जो बन सके दुर्योधन की फांसी का फंदा।

(कविता अनुशीर्षक में)
- सुप्रिया मिश्रा

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Supriya Mishra 2 DEC 2019 AT 23:58

ज़रूरी है काट दिया जाना
हर वो पांचवा सर जो
नज़र बुरी डालता हो किसी शत्रुपा पर।

- सुप्रिया मिश्रा

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Supriya Mishra 24 NOV 2019 AT 14:05

पानी भर कर आंखों में
तेरी खुशियों की खातिर
अपने प्यारे तारों को
चांद ने फेंक दिया होगा।

- सुप्रिया मिश्रा

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Supriya Mishra 20 NOV 2019 AT 23:47

एक एक अक्षर को
सलीके से पिरोते हुए-
जैसे कोई मां
अपनी बेटी के बाल गूंथती है,
मात्राओं का ध्यान रखते हुए-
जैसे कोई बाप
अपने बच्चे की
चुपके से जेब टटोलता है
मैं तुम्हारा नाम
अपने नाम के साथ सजाती हूं
और उसे निहारती हूं।
जैसे कोई बच्चा
घर में हुए एक
नवजात शिशु को।

- सुप्रिया मिश्रा

(पूरी कविता अनुशीर्षक में)

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Supriya Mishra 17 NOV 2019 AT 5:57

समंदर की लहरें
मेरे क़दमों में
यूं दम तोड़ देती हैं
जैसे मर जाता है
किसी के क़दमों में
अपने घर को बचाने की
गुहार लगाता किसान

- सुप्रिया मिश्रा

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Supriya Mishra 15 NOV 2019 AT 2:56

चांद से पूछो कभी तो
रात की बातें सभी
उस रात की क्या बात थी जब
चांद को चोंटे लगी।

- सुप्रिया मिश्रा

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