Sudhanshu Shekhar   (सुधांशुशेखर)
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कुछ अनकही, कुछ अनसुनी कहानियाँ
Joined 28 August 2016


कुछ अनकही, कुछ अनसुनी कहानियाँ
Joined 28 August 2016
Sudhanshu Shekhar YESTERDAY AT 15:10

मैं भी चौकीदार
बुज़ुर्गों की ज़मीनों का
बाप दादाओं के खेत का
सौंप सकूँ विरासत बच्चों को
रहता हूँ शहर की चकाचौंध से दूर गाँव में
जहाँ कटती थी ज़िन्दगी कभी
सुकूँ की छाँव में
पर अब पहले जैसी बात नहीं
तारों भरे आकाश की रात नहीं
घात लगाए बैठे हैं
अगल बगल के पाटीदार
मैं भी चौकीदार

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Sudhanshu Shekhar 20 MAR AT 14:49

अब कोई मुझसे मिलने नहीं आता
(पूरी कविता अनुशीर्षक में)

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Sudhanshu Shekhar 19 MAR AT 22:09

मैं कहानियां लिखता हूँ
मेरे किरदार हरतरफ मिलते हैं
गली में, सड़क पर
स्कूल में, दफ़्तर में
और घर में भी
कुछ किरदार ऐसे भी गढ़े मैंने
अपनी कलुषित कल्पना से
जो पहले नहीं थे
अब मिलने लगे हैं
अब ऐसा कोई किरदार नहीं
जो अछूता हो मेरी कलम से
मैं समझता हूँ
मैंने वही लिखा जो दिखा
पर मेरे कुछ किरदार कहते हैं
वे नहीं होते
गर मैंने उन्हें नहीं गढ़े होते...!!

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Sudhanshu Shekhar 19 MAR AT 19:58

मैं पेड़ हूँ
सड़क के किनारे वाला
ख़ौफ़ में जी रहा हूँ
बुलडोज़र खड़ा है
सड़क चौड़ी हो रही

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Sudhanshu Shekhar 15 MAR AT 20:44

मौत के साए हैं हर तरफ
अल्लाह का घर भी महफूज़ नहीं
ख़ौफ़ का कोहरा न जाने छंटे कब तलक
आतंक के सिवा क्या कोई न्यूज़ नही

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Sudhanshu Shekhar 15 MAR AT 17:30

प्यार की तलाश में हम
भटकते हैं बन कर पथिक
करते रहते हैं उपेक्षा उन्हें
जहाँ प्यार है सर्वाधिक
(पूरी कविता अनुशीर्षक में पढ़ें)

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Sudhanshu Shekhar 15 MAR AT 15:19

पुल से डर लगता है अब
नदी पर हो
रेलवे का हो
फ्लाईओवर हो
या पुलवामा
जोड़ने का पर्याय अब
उजाड़ने लगा है घर
कब गिर जाए
कहर बरपाए
यह तय नहीं
तय है तो यह कि
रेलवे का हो या फुटओवर
नदी का हो या पुलवामा
हर सूरत में जिम्मेदार है
ठेकेदार
चाहे वह वर्क्स डिपार्टमेंट का हो
राजनीति का
धर्म का
या आतंक का
गिरेगा पुल
उड़ेगा पुल
भरेगा आम
सहेगी औरत

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Sudhanshu Shekhar 15 MAR AT 8:40


अश्क़ों को आँखों में छुपा कर रखेंगे
चाहे कितना ग़म हो उफ़ ना करेंगे
ज़िन्दा हूँ लोगों को बता कर रहेंगे

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Sudhanshu Shekhar 14 MAR AT 23:14

पुल मुम्बई का हो
या पुलवामा
सहना वामा को ही है

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#हादसा #वामा #पुल #yqdidihindi
फोटो सोर्स : खुद की बनाई पेंटिंग

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Sudhanshu Shekhar 14 MAR AT 14:37


हम तुमसे दिल लगा बैठे
तुम इतना पत्थर दिल निकलोगे
हम तो धोखा खा बैठे

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