जो मिले हमे वो शबाब न आया,
जो चाहा हमने वो ज़वाब न आया,
कई साल गुजारा अकेले हमने,
हमे देने वाला कोई ग़ुलाब न आया ।।
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❤️🤞
हमारे बीच पैसा आ गया है ।
हमारी दोस्ती अब टूटने वाली है ।।-
मेरी वाली क्यों करेगी बहाने ।
वो तो भुक्कड़ है ठूसकर खायेगी खाने ।।-
यूँ मुंडेरों पे दीपक सजा न सकी
हाथ मेंहदी महावर लगा न सकी
कह दिया सीधे-सीधे है जाना मुझे
तुम बहाना भी कोई बना न सकी ।।-
सुना हँसते बहुत हो तुम,
बताओ क्या छुपाते हो ।।
सुना है टूटकर भी तुम,
हमेशा मुस्कुराते हो ।।
अरे सच मे हो करते तुम,
या दुनिया को दिखाते हो ।।
श्याम को इश्क़ न करना ,
नैन फिर क्यों लड़ाते हो ।।
कोई कल कह रहा था तुम,
आइने घर पर न लाते हो ।।-
तुम्हारा शहर मेरी मंजिल में नही पड़ता,
वरना वहाँ के मौसम को बतलाते,
तुमसे भी तेज बदलने वाला यहां रहता है,
वहाँ की हवाओं को पकड़कर समझाते,
तुमसे भी तेज़ चलने वाला यहाँ रहता है,
वहाँ के तमाम नेताओं को दिखलाते,
तुम लोगों से भी अच्छा कोई झूठे वादे करता है,
औऱ हम वो सारी शिकायत करते हर किसी से,
जो हर दिन तुम्हारे जाने के बाद,
हम ख़ुद से अकेले करते है...-
तुम्हे तो अच्छे से पता है ज़िन्दगी,
कितनी ज़िल्लत है तुमको जीने में ।।-
तुम मेरे साथ न सही,
तुम्हारी बद्दुआएं मेरे साथ रहती है...
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