Sonika Trivedi   (सोनिका)
269 Followers · 59 Following

भीड़ का हिस्सा हूँ पर भीड़ में शामिल नहीं हूं
बस यही पहचान है मेरी।
Joined 2 December 2017


भीड़ का हिस्सा हूँ पर भीड़ में शामिल नहीं हूं
बस यही पहचान है मेरी।
Joined 2 December 2017
30 SEP 2022 AT 0:14

जब समय परीक्षा लेता है
कठिन तपस्या करनी होती है
न जाने कब तक अग्नि में जलना होता है
बीच भंवर में जाकर पार निकलना होता है
ना अग्नि में जल कर राख हो सके
ना मंझधारों में बह जाए
मन कठोर कर यही प्रतिज्ञा करनी होती है
जब समय परीक्षा लेता है
कठिन तपस्या करनी होती है

चाहे जितनी ऊंचाई हो
या फिर पथ पर हो शूल बिछे
प्रतिकूल परिस्थितियां कितनी भी आएं
चाहे पर्वत सदृश कोई शत्रु दिखे
अडिग अमिट बन,या बनकर कोई धार तरल
हर बाधा पार करनी होती है
जब समय परीक्षा लेता है
कठिन तपस्या करनी होती है

-


16 JAN 2019 AT 15:38

उम्र प्रौढ़
व्यक्तित्व प्रखर
चेहरा ओजस्वी
परन्तु
माथे पर रत्ती भर लालिमा ढूंढता समाज
जैसे कि उसके जीवित होने का भी परिचायक वही है
वो ही
चुटकी भर "सिंदूर"

-


28 DEC 2017 AT 13:38

मै अतिशय संशय वार्तालाप हूँ
मैं मार्मिक क्रंदन और विलाप हूँ
मै जड़ से चेतन तक सबमें शामिल हूँ
फिर भी मैं अकिंचन, प्रतिमा धूमिल हूँ
मै अस्तित्व की तलाश में भटक रही हर घड़ी
मै अपरिभाषित नारी खुद में एक ब्रह्मांड हूँ
प्रकृति का खुमार मैं संकल्प वो अखंड हूँ

-


12 SEP 2021 AT 23:43

Paid Content

-


15 AUG 2021 AT 1:37

हम भी भटक रहे हैं
खोज में
.
.
मृगतृष्णा सी है....
.
.
स्वतन्त्रता!!

-


3 AUG 2021 AT 16:44

Paid Content

-


10 JUN 2021 AT 12:23

मौसम का हाल....
.
.
बारिश हो रही है,
.
.
हवा की दिशा?
.
.
तुम से मुझ तक.....💕

-


3 JUN 2021 AT 13:23

अजीब है रे मन तेरी फितरत,
तुझे चाहिए सब कुछ, पर आधा अधूरा...

-


30 MAY 2021 AT 23:07

पेड़ से टूटे सब पत्ते पेड़ के पास रह कर नही समाप्त होते,
कुछ उड़ कर दूर किसी अन्य पेड़ की टहनी में अटक जाते हैं,
नादान हैं वो जो अपना आस्तित्व भूल कर किसी अन्य शाख पर खोजते है जीवन की उम्मीद,,वो भूल जाते हैं...
.
.
जिन्होने अपना अस्तित्व भुलाया है,, उन्हें कभी किसी ने नही अपनाया।।

-


25 MAY 2021 AT 22:14

तुम्हें देखा नही कभी,
पर जरूर तुम्हारे मुख पर नितांत शीतलता होगी
पूर्णमासी की रात्रि सी
सुना है,
कि तुम चन्द्रमुखी हो,,
सुनो, तुम हर रोज मिलने आना
कभी ज्यादा ,कभी कम
कभी छिपते छिपाते बादलों की ओट से
तुम्हें मुस्कुराते हुए देखने के लिए व्याकुल हूँ
इसलिए तुम आना जरूर,
हर रोज!!!

-


Fetching Sonika Trivedi Quotes