रिश्ते पतझड़ की तरह है समय न देने पर पत्तों की तरह गिरने(बिखरने) लगते हैं
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Actor
News Anchor (National TV)
रिश्ते पतझड़ की तरह है समय न देने पर पत्तों की तरह गिरने(बिखरने) लगते हैं
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मेरे फोन में तुम्हारा नम्बर महज़ जगह घेरने के सिवा कुछ नहीं..... कई बार डिलीट करने का ख्याल आया पर अगले ही पल ये सोचकर रुक गई कि पड़ी चीजें पड़ी ही रह जाती हैं निरर्थकता लिए हुए..... बस तब से तरस आता है गुस्सा नहीं।।
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जिसमें अपनी ही सुध नहीं ना मीरा को थी,न राँझा को न मजनूँ न शीरीं को न हमें है और तुम चालाकियों की बात करते कैसे हो......!
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