𝑺𝒉𝒓𝒖𝒕𝒊 𝑽𝒆𝒓𝒎𝒂   (अल्फ़ाज़_ दिल _ के)
271 Followers · 44 Following

Writer
Joined 17 February 2019


Writer
Joined 17 February 2019

चुपके से ये आँखें, हर रोज़ उसे देखा करती थी,
उसके हर अंदाज़ पर, क्यों बेवजह मैं इतराया करती थी,
ख़्वाबों में एक अलग ही दुनिया बसा लिया था मैंने, ना जाने क्यों सुबह-ओ-शाम उसे देखकर मुस्कुराया करती थी,
जान के भी अंजान होकर, उससे दिल्लगी किया करती थी,
उसकी हर तस्वीर को, पन्नो में छिपाया करती थी, उसकी एक झलक पाने को, ना जाने कितनी तरसा करती थी,
बस एक मुस्कान देखने को, सुबह से रात किया करती थी
चुपके से ये आंखें, हर रोज़ उसे देखा करती थी..

-



हमने उनको चाहा, जो हज़ारों की चाहत में थे, अफ़सोस इस बात है, हमने उनको ठुकराया जिनकी चाहत हम थे...

-



दिल से दिल की दूरी नहीं होती, और हर मुराद पूरी नहीं होती,
जरूरी नहीं कि हर कहानी सच्ची हो, तभी तो सच्ची प्रेम कहानी आसान नहीं होती

-



न सुख है, न दुःख है
न जीत का ख़ुशी है, न हार का ग़म है
जो आया है जीवन में, वो भी गुज़र जाएगा
न कोई सदा हँसा है, न कोई सदा रो पाएगा
न चाहत ठहरने की, न डर है बिखरने का,
बस एक सफर है, लम्हा जी भरने का।
कभी छूती हैं खुशियाँ, कभी छूता अकेलापन,
पर दोनों ही पल में, खो जाते है बेनम।
तो क्यूँ न मुस्कुराएँ, जो भी हो पास,
न सुख है न दुःख है, पास है बस जीवन का एहसास।

-



"मुक्ति या भ्रम?"




In caption ⬇️

-



रिश्ते, धागों के जैसे ही उलझ जाते हैं,
कोमलता से न सुलझाया जाए तो बीच से ही टूट जाते हैं

-



साथ, एक ऐसा रिश्ता जो अधूरे को पूरा और अंधेरे को उजाला बना देता है।

-



मैं सहनशीलता का वो सागर है जो कभी सूखा नहीं,

मैं ऐसी अनकहीं बात हूं जो कभी सुलझी नहीं,
ना जाने कितने दर्द समाए बैठी हूं जिसे किसी से बांटा नहीं

इसीलिए मैं वो इंसान हूं जिसे किसी ने समझा नहीं...

-



तन पर सारा ध्यान लगाया, मन को साफ किया नहीं
ज्यों मन को साफ कर लिया, त्यों तन भी साफ हाई

-



खो देना कैसा होता है, ये उनसे पूछो
जिन्होंने ख़ुद को खो दिया, किसी और की चाहत में

-


Fetching 𝑺𝒉𝒓𝒖𝒕𝒊 𝑽𝒆𝒓𝒎𝒂 Quotes