29 APR 2019 AT 23:10

दिल सोचता हैं आज भी तुम्हें
क्योंकी, इस दिल की सोच
अब भीं तुम ही हो.....
दिल के कोनें में आज भी
तुम्हारी यादों के खुबसूरत लम्हों की
हलकी-सी मुस्कुराहट भी तुम हीं हो...
यह तो तुम भी जानते हो की
ये कोई हसींन मौसम का नहीं
तुम्हारी मोहब्बत का ही असर हैं...
फिर यह कैसे फासलें है हमारे दरम्याँ?
तुम आज भी दूर रहकर
इतने करीब हो दिल के...
जब कभीं महसूस करो
तो आ जाना कंधों पर अपने लाश उठाने
तब भी इन आँखों का इंतजार तुम ही रहोगे।...

- Shobha Bapurao Manwatkar