" क्यों कुछ होते ही आंखें जागती है,
फिर जनता तिरंगा लेकर क्यूं भागती हैं,
क्या किसी अनहोनी का इंतजार होता है,
जो सुनने को हमेशा ये समाचार होता है..
दुःख हुआ बोल के सब चुप हो जाते हैं,
घर का दरवाजा बंद कर सब छुप जाते हैं,
क्या खून सिर्फ अपनी बेटी के लिए खौलेगा,
या सो रहा देश का कानून भी कभी बोलेगा..
जरा सोंचो, क्या सुरक्षित तुम्हारा घर है,
जिसमें बेटियों को लगता हर पल डर है,
कैसे चुप बैठ के इस देश का उद्धार होगा,
कब बलात्कारियों पे कानून का प्रहार होगा..
अगर अब नहीं जगे तो देर हो जाएगी,
न जाने कितनी बेटियां ऐसे ही सो जाएंगी,
फिर अफसोस मनाने को हाथ में तिरंगा होगा,
फिर तुम्हारे सामने ही तुम्हारा ईमान नंगा होगा..!! "-
" झूठ बोलते हैं वो लोग,
जो कहते हर दिल एक घर है..
दरवाजा तो खोलो उस घर का,
देखो कितने मासूम बेघर हैं..!! "
#Support_For_Homeless
✍️ Shivam Patel-
" किया तूने अपनी ही मनमानी,
मेरी तूने एक भी न मानी..
अब कैसे तुझको ये बताएं,
कि एक भी पल हम जी न पाए..
जान लेती रहीं ये खामोशियां,
सताती रही तेरी ये दूरियां..
जाने कैसे मिटाऊं ये मजबूरियां,
तुझसे हो गयी ये जो दूरियां..!! "
✍️ Shivam Patel-
" जब तक तुम साथ थे मेरे,
सिर्फ तुम्हारा ही फ़िक्र किया..
तुम्हारे चले जाने के बाद,
सिर्फ तुम्हारा ही ज़िक्र किया..!! "
✍️Shivam Patel-
" भले हमारी नज़रों में,
वो जिंदगी कुछ आम सी है..
पर झांककर देखो दिल में,
उन आंखों में कुछ थकान सी है..!! "
# Respect Your Parents #
✍️Shivam Patel-
" कब से पलकों के किनारे,
एक सैलाब सा जमा है..
टूटे हुए दिल में जैसे,
एक ख्वाब सा थमा है..!! "
✍️Shivam Patel-
" एक कहानी लिखते - लिखते,
न जाने कितने किस्से लिख गए..
एक प्यार के इंतजार में,
दिल के कितने हिस्से दिख गए..!! "
✍️ Shivam Patel-
" एक कहानी लिखते - लिखते,
न जाने कितने किस्से लिख गए..
एक प्यार के इंतजार में,
दिल के कितने हिस्से दिख गए..!! "
✍️ Shivam Patel-
" तू इश्क़ कर या न कर,
हम तो दोनों में सहमत है..
इश्क़ में दर्द मिलें या खुशी,
जो भी मिले बस रहमत है..!! "
✍️ Mishti Gautam-
" काश ! सम्भल जाता ये दिल,
तब जब कोई रोता था..
हमारी तकलीफ में भी,
रातभर कोई न सोता था..!! "
✍️ Shivam Patel-