Shekhar Pradhan   (@soop)
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अनुभव नही लिखने की बस दिल ऐ हाल बयां करता हूँ...
Joined 4 February 2018


अनुभव नही लिखने की बस दिल ऐ हाल बयां करता हूँ...
Joined 4 February 2018
17 MAR 2022 AT 20:30

वो मेरे हाल पे रोया भी मुस्कुराया भी.
अजीब शख्स है अपना भी पराया भी..।

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22 JAN 2022 AT 7:22

तकलीफ़ की सुरंगो से
गुजरती है जब जिंदगी....
तब अपने और सभी
हाथ छुडा लिया करते है....

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17 JAN 2022 AT 19:36

दो ही तो जरूरत है फिलहाल,,
एक तो मोबाइल और दूसरी चाय!!

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17 JAN 2022 AT 19:22

किसी लड़की के पास टूटा हुआ
दिल है तो बताना,
आधा मेरा मिलाकर
नया बना लेंगे..!!

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17 JAN 2022 AT 19:13

उसकी याद आयी है साँसों जरा आहिस्ता चलो
धड़कनों से भी इबादत में खलल पड़ता है.!!

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11 JAN 2022 AT 8:18

बैठे बैठाए यूँ कभी आया तेरा ख़्याल,
हम कितने भी ग़मज़दा हों मुस्कुरा देते हैं!!

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11 JAN 2022 AT 8:13

तेरे आने की उम्मीद और भी तड़पाती है !
मेरी खिड़की पर जब शाम उतर आती है!!

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9 JAN 2022 AT 18:41

एक पिता ऐसा भी!!
(अनुशिर्षक)

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5 JAN 2022 AT 12:02

दादा, पोते का पहला मित्र होता है
और पोता, दादा का आखरी मित्र..

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3 JAN 2022 AT 18:04

सदियों पहले
नदी ने कहा
जा रही हूँ ..

आगे की कविता अनुशिर्षक में

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