sheenam parveen   (Sheenam parveen)
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Joined 3 April 2019


Joined 3 April 2019
6 DEC AT 22:27

11212 11212 11212 11212 

जब भी सुनी झनकार पायल की मिरी उसने कहा
अब तो असीर बना लिया इसने मुझे इसको बता

جب بھی سنی جھنکار پایل کی مری اس نے کہا
اب تو اسیر بنا لیا اس نے مجھے اس کو بتا !

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5 DEC AT 22:57

अंधेरी रात को चांद सा रौशन करने के लिए,
हम बिंदी लगाके आए उनसे मिलने के लिए।

اندھیری رات کو چاند سا روشن کرنے کے لئے،
ہم بندی لگا کے آئے ان سے ملنے کے لئے!!

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3 DEC AT 23:19

खोए है चिराग़ तले अंधेरों में तो घबराना क्या,
वजूद रौशनी का होता है अंधेरों से ही कायम!

کھوئے ہیں چراغ تلے اندھیروں میں تو گھبرانا کیا،
وجود روشنی کا ہوتا ہے اندھیروں سے ہی قائم !!

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2 DEC AT 20:12

चलो आज आब-ए-दरीया पे चलकर देखते हैं,
जो लहरे डूबाती हैं उनसे ही उलझकर देखते हैं।

वह कहता लहजा-ए-गुफ़्तगू ज़रा बदल अपना,
आज उनसे उनकी ही ज़ुबानी बोलकर देखते हैं।

यूं ख़बर सारे जहान की रहती है जिन्हें अक्सर,
हैरां हूं हाल ख़ुद का ख़ुद से ही पूछकर देखते हैं।

एक अरसे से ज़िन्दगी को जीना नहीं आया हमें,
आओ आज बच्चों के संग बच्चे बनकर देखते हैं।

वो मुन्तज़िर है साथ दो क़दम चलने को शीनम,
इस सफ़र में उनको हमसफ़र बनाकर देखते हैं।

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30 NOV AT 22:25

मसरुफ़ियत भरी ज़िन्दगी से कुछ लम्हे चुरा कर,
पूरी ज़िन्दगी जी लेे हम दो पल तेरे क़रीब आकर

مصروفیت بھری زندگی سے کچھ لمحے چرا کر،
پوری زندگی جی لے ہم دو پل تیرے قریب آ کر !

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29 NOV AT 23:24

जबसे डाली हैं हाथों में तेरे नाम की हरी चूड़ीयां,
तब से ख़ुशीयां मेरी दहलीज़ पर रक़्स करती हैं।

جب سے ڈالی ہیں ہاتھوں میں تیرے نام کی ہری چوڑیاں ،
تب سے خوشیاں میری دہلیز پر رقص کرتی ہیں !!

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28 NOV AT 22:49

लौंग लश्कारा और झुमके इशारा करें,
मेरे गहने भी अब तुम्हें ही पुकारा करे।

لونگ لشکارا اور جھمکے اشارہ کرے،
میرے گہنے بھی اب تمہیں ہی پکارا کرے !

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27 NOV AT 22:34

चूड़ियां पहनाने के बहाने उनके हाथ में मेरी कलाई ,
सारे जहान की ख़ुशीयां यूं मेरे दामन में सिमट आई।

چوڑیاں پہنانے کے بہانے ان کے ہاتھ میں میری کلائی،
سارے جہان کی خوشیاں یوں میرے دامن میں سمٹ آئی!

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26 NOV AT 19:55

अब तुझे ख़ुद में पिरो लिया है मैनें धागे की तरह,
जो आँच तूझ पे आए तो फ़ना मैं भी हो जाउंगी।

اب تجھے خود میں پِرو لیا ہے میں نے دھاگے کی طرح ،
جو آنچ تجھ پہ آئے تو فنا میں بھی ہو جاؤنگی !!

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25 NOV AT 20:39

जब जब नाम तेरा लेती हूं मौसम बदल जाते हैं,
हाँ कुछ लोग ऐसे हें जो तेरे नाम से जल जाते हैं।

तेरे आगोश में आ कर भूल जाते हैं हम ज़माना,
बनके शमा देख ना क़तरा क़तरा पिघल जाते हैं।

तुझसे शुरू तुझ पे ख़त्म होती है ये ज़िन्दगी मेरी,
तुझे बनाकर अपना सुरज तेरे साथ ढल‌ जाते है।

उन के ना होने से लम्हा भी मुद्दत लगता है मुझे,
वो साथ हो तो साल भी पल में फिसल जाते हैं।

उन बिन दिन के उजाले चुभते हैं आंखों में मेरी,
रात में शीनम साथ उन के ख़्वाब महल जाते हैं।

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