Sharanjeet Kaur  
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Joined 12 April 2018


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Sharanjeet Kaur 11 HOURS AGO

उसके चेहरे पर तेजाब फेंक तुमने अपनी
बेबुनियाद ज़िद को मुकम्मल कर डाला।
उसका तो सिर्फ चेहरा खराब हुआ ।
तुमने तो अपना वजूद ही तबाह कर डाला ।

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Sharanjeet Kaur 20 JUN AT 17:20


उस मकान की टपकती हुई छत बताती है ,
यह बारिश भी हर किसी को खुशी नहीं दे पाती!

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Sharanjeet Kaur 15 JUN AT 21:38


अंधेरे कमरे मे रोशनी की किरण बतलाती है कि
हल्की सी रोशनी भी गहरे अंधेरे को काट सकती है!

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Sharanjeet Kaur 2 JUN AT 10:55

हाँ मैंने सब देखा था।
देखा था चेहरा बाबा का जो मुझे रात अंधेरी कचरे में छोड़ आया था !
महसूस की थी धड़कन उस माँ कि जहाँ मैंने नौ महीने बसेरा अपना बनाया था।
हाँ मैंने अधखुली आंखों से सब देखा था।

देखा नहीं तो बस मैंने खुद के लिए इस दुनिया में प्यार।
देखा नही तो मैंने खुद के लिए सुरक्षित हाथ ।


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Sharanjeet Kaur 30 MAY AT 19:47


आना तुम ऐसे जैसे धरती पर
सूरज की पहली किरण ।
साथ चलना ऐसे जैसे बूढ़ी नानी की परियों
की कहानी ।
खो जाना फिर ऐसे जैसे डूबता हुआ सूरज
पहाडों मे ।

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Sharanjeet Kaur 26 MAY AT 9:21

इतने मसरूफ थे वे अपने हयात मे कि रिश्ते उनके हाथ से रेत की तरह निकलते गए और उन्हें खबर भी ना हुई !

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Sharanjeet Kaur 23 MAY AT 11:23

आज फिर से इक नए सफर पर हूं, सोचता हूं कहीं तुझसे मुलाकात ना हो जाए!
चलते चलते उन रास्तों पर कहीं तू सामने ना आ जाए;
कई मुद्दतों से देखा नहीं तुझको लेकिन आज भी तेरी खुशबू से वाकिफ हूं;
यूं तो होंगे बहुत से चाहने वाले तेरे, लेकिन तेरे एहसास से वाकिफ ना होंगे।
बेहोशी में भी सिर्फ तेरा ख्याल आता है दिल में;
सोचता हूं कहीं सपनों में मेरे तू मुकम्मल ना हो जाए।

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Sharanjeet Kaur 20 MAY AT 10:16

कूड़ेदान में पड़ी रोटी की कीमत वही आँखे जानती हैं ,
जिनके सिर्फ सपनों मे रोटियां आती हैं
पेट मे नही।

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Sharanjeet Kaur 17 MAY AT 8:20

शायद उसने भी छोड़ दिया है इस दुनिया को इंसानों के भरोसे ;
तभी तो आने लगी है तस्वीर कयामत की आंखों के सामने ।

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Sharanjeet Kaur 13 MAY AT 20:54

देख के हालत अपनी कायनात की
ऊपरवाला परेशान है।
क्या नजारा है हैवानियत का;
बेकसूरों के कत्लेआम का ।
क्यों अपनी हैवानियत को बदले का नाम देते हैं ;
किसी नन्हे को अनाथ कर कौन सा बदला निभाते हैं।
क्यों अपने पाप छुपाने के लिए उस खुदा को बदनाम करते हैं ।
जिसने बनाई ये कायनात उसी पे सवाल करते हैं।

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