Sarika Agarwal   (Sarika agarwal)
46 Followers · 17 Following

I m short poem writer
Joined 1 March 2019


I m short poem writer
Joined 1 March 2019
29 AUG 2022 AT 12:13

जीने की वजह भी नहीं देते और मरने की इजाजत भी नहीं
प्यार करना लाज़मी है तुमसे,मगर करूँ मैं शरारत भी नहीं?

भले ही जान ले लेना मेरी,फिर भी वो तेरी ही है
मगर मेरी तड़पती जान के लिए, करूँ मैं वकालत भी नहीं?

तुम चाहे मुझसे दूर रहो, काम में हरदम मसरूफ़ रहो
पर तेरे प्यार और दीदार के लिए,करूँ मैं इबादत भी नहीं?

जानती हूँ नदी के दो छोर हैं हम,तड़पने को मजबूर हैं हम
किस्मत ने वो दौर दिखाकर छोड़ दिया,करूँ मैं शिकायत भी नहीं?

दवा नहीं तो दुआ दे दो,ख्यालों में रहने की वजह दे दो
कहते हो खुद को मरीज़ गर मेरा,करूँ मैं हिदायत भी नहीं?
सारिका अग्रवाल

-


28 JUN 2022 AT 13:54

जीने का अधिकार नहीं है तो फाँसी
पर चढ़ा दो
मगर हौसला देकर मरने की सलाह मत दो

-


22 JUN 2022 AT 0:33

दिल पर लिखते रहे,मिटाते रहे,कागज हो जैसे
आखिर एक दिन फाड़ ही दिया,नाजायज़ हो जैसे

-


8 MAY 2022 AT 20:39

जिंदगी का एक मकशद होना चाहिए न कि हर बात में

-


14 MAR 2022 AT 13:23

दिमाग के चिमटे से जीभ के तवे पर सब अपनी अपनी रोटी सेकते हैं
और बेलन हाथ मे लेकर उसी रोटी को उछाल उछाल कर फेंकते हैं।

-


14 FEB 2022 AT 9:23

जय सियाराम का नारा लगाने वाले
रावणों जैसा व्यवहार करते हैं,
हिन्दू सभ्यता को बकवास कहकर
विदेशी संस्कृति को त्यौहार मानते हैं।— % &

-


13 FEB 2022 AT 17:10

भारती तुम्हारी जिंदगी
हमेशा खुशियों से भरी रहे,
तुमसे रौनक बरकरार रहे,
और तू रौनक की परी रहे।— % &

-


12 FEB 2022 AT 10:30

बुरे बदल नही सकते तो अच्छे से कहा, तुम बदल जाओ,
किन्तु अच्छा बदलकर फिर कैसा बने ये भी तो बताओ।— % &

-


12 FEB 2022 AT 9:50

बदलकर रंग जो अपनी रंगीन तस्वीर लगाते हैं,
पूछो उनसे कभी कि वो ये हंसीन रंग कहाँ से लाते हैं— % &

-


18 JAN 2022 AT 19:58

कुछ इस तरह कातिल आजकल कत्ल करते हैं,
खुद के लिए जिंदा रखते हैं मगर औरों के लिए
उसे मार देते हैं।

-


Fetching Sarika Agarwal Quotes