ना कोई मेरा ना मैं किसी की हूं
अंधेरों को चीरती हुई मैं रोशनी सी हूं
सुन सको तो सुनो मेरी सदाओं को
खामोशी से बहती हुई मैं नदी सी हूं
- Sara ki shayari
1 OCT 2022 AT 16:46
ना कोई मेरा ना मैं किसी की हूं
अंधेरों को चीरती हुई मैं रोशनी सी हूं
सुन सको तो सुनो मेरी सदाओं को
खामोशी से बहती हुई मैं नदी सी हूं
- Sara ki shayari