Sandhya Solanki   (Dil Thi)
143 Followers · 36 Following

સમજવું થોડું મૂશ્કેલ છે,
લખવું એ મારો નશો છે
કે જીંદગી જીવવાની રીત...,😊😋
Joined 30 August 2018


સમજવું થોડું મૂશ્કેલ છે,
લખવું એ મારો નશો છે
કે જીંદગી જીવવાની રીત...,😊😋
Joined 30 August 2018
Sandhya Solanki 9 JUL AT 23:31

बीज हम खुद की
सोच के बोते है....
जहा की फसल मेरी
निगरानी में पलती है...
तभी तो दुनिया देख के
कभी पिगलती है तो
कभी जलती है...
- संध्या सोलंकी

-


Show more
15 likes · 2 shares
Sandhya Solanki 9 JUL AT 20:12

एक से नहीं होते...
ये एक सच्चाई है
पर जिंदगी सही मायनों में
अच्छे- बुरे पलो से ही होती है...
- संध्या सोलंकी

-


Show more
14 likes · 4 comments · 2 shares
Sandhya Solanki 7 JUL AT 22:04

Our moods and minds change...
Our things change. ...
And our reactions change ...
Our end of the Day.
- Sandhya solanki

-


Show more
7 likes · 1 share
Sandhya Solanki 4 JUL AT 20:22

की आप
लोगो की बाते
सुनते सुनते
खुद की
सोच को ही
भूल गए ...
- संध्या सोलंकी

-


Show more
10 likes · 2 shares
Sandhya Solanki 4 JUL AT 20:04

मुझे पता नहीं तू केसा होगा ..?
पर मुझे खुद पे यकीन है
की मुजमे हर पल को
जीने का जज्बा होगा
और जैसा भी हो तू
मुझ में सुकून जरूर होगा...
- संध्या सोलंकी

-


Show more
11 likes · 2 shares
Sandhya Solanki 1 JUL AT 20:19

We try to live alone ...
We try to Be Free...
We try to Be peaceful...
We try to Be Kind...
We try to Be Real ...
We try to Be Natural...
- Sandhya solanki.

-


4 likes · 2 shares
Sandhya Solanki 1 JUL AT 20:13

खुद पे यकीन नहीं है
जो अक्सर लोगो की
बातो को सुन के
खुद को कमजोर समझ लेते हो...?
- संध्या सोलंकी

-


Show more
7 likes · 2 shares
Sandhya Solanki 30 JUN AT 22:16

हमे की कुछ भी हो जाए
जिंदगी में उल्टा सीधा
तो कोई हो ना हो साथ
यकीन है मुझे की
मेरे हाथ में होगा तेरा हाथ
- संध्या सोलंकी

-


Show more
8 likes · 2 shares
Sandhya Solanki 28 JUN AT 23:42


Your words ...
Or Feelings sometimes...




No one can
Be like you...
- Sandhya solanki

-


Show more
9 likes · 2 shares
Sandhya Solanki 28 JUN AT 23:33

जिसका कोई नाम नहीं होता ...
जिसमे कोई मतलब नही होता...
जो जहां में सबसे प्यारा होता है...
जहा हमे रस्मो को निभाना नहीं होता...
जहा कोई नाटक नहीं करना पड़ता..
अच्छे बुरे की परवाह बिना ही
आसानी से सब कुछ बयां होता है...
जहा हम जैसे खुद होते है
वैसे ही खुल के जी पाते है...
- संध्या सोलंकी

-


8 likes · 2 shares

Fetching Sandhya Solanki Quotes

YQ_Launcher Write your own quotes on YourQuote app
Open App