14 NOV 2019 AT 21:39

मिला जुला ये वक्त
कुछ हिसाब तो हो
कहीं कहीं है फब्त
कभी गुलाब तो हो
मिले एक पल अपनों की खैर में
हर वक्त पर खुद का कोई जवाब तो हो

- Saloni sharma