Sahil Bhardwaj  
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Joined 21 June 2017


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Joined 21 June 2017
Sahil Bhardwaj 12 HOURS AGO

हर इक रात चाँद की एक झलक देखने के लिए
मैं जागता हूँ खुली आँखों में तेरा ख्वाब देखने के लिए

ना जाने कब तलक मैं इंतज़ार करूंगा
तेरी आँखों में अपनी मोहब्बत का माहताब देखने के लिए

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Sahil Bhardwaj 9 JUN AT 14:05

अनजान बन कर बैठी हो ऐसे
तुम को कुछ भी पता न हो जैसे
नाम लेते ही तेरा हिचकियाँ आती है ऐसे
तूने फिर मुझे याद किया हो जैसे...

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Sahil Bhardwaj 7 JUN AT 10:28

तिश्नगी में भी तेरा ही ध्यान आये
तू नहीं है मेरी हवाओं से ये बयान आये
बेख़याली में भी तेरा ही ख़याल आये
क्यूं तुझे मेरा होना नहीं ये सवाल आये...

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Sahil Bhardwaj 5 JUN AT 15:31

हर मुराद हो पूरी
मांगने वालों की
हाथ उठाओ दुआओं में
कि दिन है आज़ ईद का.
हंसों, गाओ, खुशियां मनाओ
भाइचारे की भावना हर दिल में जगाओ
कि दिन है आज़ ईद का.

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Sahil Bhardwaj 1 JUN AT 19:23

तुझे कितना चाहने लगे हम...

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Sahil Bhardwaj 30 MAY AT 19:03

In her arms
I reclaim my peace
with a sweet loving mild kiss.

In her arms
all my dreams are spiced up
with her favour, with her prop.

In her arms
my imaginations become reality
with a touch of her intimity.
..... Read in caption 💙

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Sahil Bhardwaj 26 MAY AT 16:47

जिन लबों से तुमने कहा था
कि मैं तुम्हारी रानी हूँ, रानी ही रहूँगी
उन लबों को चूम लिया था मैंने

तुम्हारी चाहत में जीना चाहती थी,
पर तुम्हारी आंखें मेरा मौत देख रही थी

मरना ही तुम्हारी बाहों में मैंने मुनासिब समझा
मेरे क़ातिल तुम्हारे हाथों में खंजर तो
पहले ही देख लिया था मैंने...

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Sahil Bhardwaj 22 MAY AT 16:10

चांदनी रात में टिमटिमाते तारों से भरे आसमां पे
कभी प्यार लिखा था तुमने
Read this poetry in caption....

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Sahil Bhardwaj 21 MAY AT 14:41

मेरी मोहब्बत तुम्हारी आँखों में झलके
मेरी चाहत यही है
मेरे नाम का सिंदूर तुम्हारे माथे पे दमके
मेरी ख्वाहिश यही है...

मेरे अरमानों को पूरा करने के लिए
कुछ कोशिशें मैं करता हूँ, कुछ तुम करो

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Sahil Bhardwaj 16 MAY AT 18:12

माँ
तुम्हारी ममता भर उठी होगी
मेरे मोह में
छलक उठी होंगी तुम्हारी आंखें
मेरे इक मुस्कान से
मुझे याद नहीं
फ़िर भी जाने कैसे
तेरी वो हंसी मेरी मुस्कान में
आज़ भी झलकती है...

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