Sahil Bhardwaj  
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Joined 21 June 2017


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Joined 21 June 2017
22 NOV AT 14:20

माना मन में बहुत ज़हर है तुम्हारे मेरे लिए
सब उतर जाएगा, तुम शहर में मेरे दो दिन ठहर कर तो देखो,

मेरे आंगन की मिट्टी चाहत की ख़ुशबू से महकती है
चांदनी से रौशन रात में दो पल मेरी
आगोश में रह कर तो देखो..

कौन कहता है कि तुम मोहब्बत नहीं कर सकती मुझसे,
जरा ख़ुद से मेरी मोहब्बत की वक़ालत कर के तो देखो..

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17 NOV AT 15:11

तेरी जुल्फों में मुझे
समूचा आसमां मिल जाए ऐ सनम
उस रात का आना अभी बाकी है,
दो जिस्मों में बसते हम
एक जान हो जाए ऐ सनम
उस हसीं मुलाकात का होना अभी बाकी है..

तेरे नाम के साथ
मेरा पहचान जुड़ जाए ऐ सनम
उस मुहूर्त का आना अभी बाकी है,
दाम्पत्य के बंधन में
इक दूजे से हम बंध जाए ऐ सनम
उस शुभ घड़ी का आना अभी बाकी है..

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14 NOV AT 19:23

खुशियों से रौशन हो
ये दीपों का त्यौहार
जीवन में आए इक नयी बहार,
इस दिवाली
यही है हमारी कामना
लक्ष्मी की कृपा बनी रहे आपके द्वार..

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9 NOV AT 21:47

क्यों आज़ भी मुझे
उसका चेहरा चांद सा लगता है
मेरे चेहरे की ख़ुशी को उसने ग़म में बदल दिया
पर फ़िर भी क्यों मुझे
उसके मुस्कराते हुए चेहरे को देखने का इन्तेज़ार रहता है..

क्यों आज़ भी मुझे
उसके लिए ही नज़्में लिखने को जी चाहता है
उसे तो परवाह ही नहीं मेरी धड़कनों का
पर फ़िर भी क्यों मुझे
अपनी साँसों में उसकी ख़ुशबू महसूस करने का इन्तेज़ार रहता है..

क्यों आज़ भी मुझे
उसको ही अपना हमसफ़र बनाने का मन करता है
वो जा चुकी है इस जहां से मुझे मालूम है
पर फ़िर भी क्यों मुझे
उसके मेरी दुनिया में लौटने का इन्तेज़ार रहता है..

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9 NOV AT 12:42

जब प्रेम का आगमन होता है
जीवन में जीवन का अंकुरन होता है
शुरुआत होती है एक नए सफ़र की
और अपने हमसफ़र का साथ मिलता है..

जब स्नेह का प्रसार होता है
ज़िंदगी में इक नई ओज का संचार होता है
मिठास घुलती है खुशियों की
और सुखमय रहाई का आगाज़ होता है..

जब प्रीत का प्रवेश होता है
एक नए जीवन का जीवन में श्री गणेश होता है
खिल उठती है बागों में सारी कलियां
बसंत के बहार का पुनः उदय होता है..

जब प्रणय का अंगीकार होता है
ज़िंदगी में इक नया अध्याय शुरू होता है
रास्तें के पत्थर भी फूल लगते है
और अंधेरी राहों को भी चांद रोशन करता है..

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8 NOV AT 15:35

Things were good
I know and you know it too,
You were deeply in love with me
As I was.
Things changed and also your style of loving
Only favour I want from you
Please tell me my fault before leaving..

Stars were twinkling
and moon was shining in love,
in the mid of night it was you who made
me feel this beauty of romantic moment.
night has been down and also has alarmed
of parting
Only favour I want from you
Please tell me the thing behind before leaving..

Oceans were high on tide
and waves were in love with seashore
in the mid of midstream it were you and me
who were finding each other in one another.
Tide has been fallen back and marked our sorting
Only favour I want from you
Please tell me the changes in between before leaving..

Days were quite good
and the life was much smooth
love was selflessly between we couples
and we were the eyes of trust.
Trust has been broken and caused us separating
Only favour I want from you
Please tell me the saga aback before leaving..

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8 NOV AT 12:30

ये तन्हा सफ़र
तय करना है मुझे उम्र भर,
लंबी है राहें
चलना है मुझे हरदम कमर कस कर..

ये तन्हा सफ़र
अकेले काटना है मुझे जीवन भर,
कठिन है डगर
मंज़िल मिलेगी होगी शिद्दत ग़र जी भर..

ये तन्हा सफ़र
मीलों दूर जाना है मुझे अपने दम पर,
कोई हमसफ़र नहीं है
मुक़ाम हासिल करनी है किसी भी शर्त पर..

ये तन्हा सफ़र
इससे कब तक रहेंगे बेख़बर,
माना तन्हाई भरी राहें है
पर कहीं तो महफ़िल मिलेगी ख़ास मुक़ाम पर..

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7 NOV AT 16:26

ये वो मंज़िल नहीं है
यहां तू जो नहीं है,
सफ़र मेरा अधूरा है अभी
साथ मेरे तू जो नहीं है..

ये वो मुक़ाम नहीं है
यहां तेरा साया जो नहीं है,
रास्तों में अंधेरे है बड़े
रौशनी बनके खड़ी तू जो नहीं है..

ये वो कारवाँ नहीं है
यहां तेरा अक्स जो नहीं है,
भीड़ में भी अकेला सा हूँ
हाथ थामे मेरे खड़ी तू जो नहीं है..

ये वो ठिकाना नहीं है
यहां तेरे सा कोई अपना जो नहीं है,
गुलज़ार आशियाने में भी तन्हा हूँ
मेरा हौसला बढ़ाने के लिए तू जो नहीं है..

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6 NOV AT 10:35

मुस्कुराती रहो तुम सदा
ख़ुदा से हर पल यही हमारी गुज़ारिश है
चांदनी सी दमकती रहो
तुम्हारी ख़ुशी में हमारी ख़ुशी है..

फूलों की खुश्बूओं से महकती रहो
दिल से बस यही हमारी दुआ है,
रौशनी सी निखरती रहो
तुम्हारी ख़ुशी में हमारी ख़ुशी है..

लहरों सी सदा मचलती रहो
साहिल की बस यही इल्तिजा है,
सितारों सी चमकती रहो
तुम्हारी ख़ुशी में हमारी ख़ुशी है..

कोयल सी सदा चहकती रहो
कुदरत से बस यही हमारी प्रार्थना है,
बहारों सी खिलती रहो
तुम्हारी ख़ुशी में हमारी ख़ुशी है..

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5 NOV AT 18:41

तेरे साथ हर दिन मुझे
खुशियों से भरी पूरी उम्र सी लगती है,
हाथों में जो हाथ होता है तेरा
मेरी ज़िंदगी पूरी पूरी सी लगती है..

तेरे साथ हर दिन मुझे
मोतियों से भरी पूरी समंदर सी लगती है,
मुस्कराती हुई बैठती हो जो तुम सामने
मेरी हर ख़्वाहिश मुकम्मल सी लगती है..

तेरे साथ हर दिन मुझे
सितारों से जगमगाती आसमाँ सी लगती है,
साथ चलती हो जो तुम राहों में मेरे
मेरी मंज़िल मुझे हासिल सी लगती है..

तेरे साथ हर दिन मुझे
फूलों से महकती बाग सी लगती है,
प्यारी प्यारी जो दो बातें हो मुझसे
मेरी चाहत मुझे पूरी हुई सी लगती है..

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