" छोटी सोच "शंका को जन्म देती है
और बड़ी सोच " समाधान " को
“सुनना" सीख लो तो "सहना" सीख जाओगे, और "सहना" सीख लिया तो "रहना" सीख जाओगे।
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सत् भक्ति सन्देश ✉️
भक्ति बिना जीव सुखी नहीं हो सकता चाहे कितना ही धनी क्यों न हो और सत्संग बिना ज्ञान नही, ज्ञान स्वयं सतगुरु ( भगवान ) देता है l
अधिक जानकारी के लिए Satlok Ashram Youtube चैनल को Visit करें l
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सत् भक्ति सन्देश ✉️
दुर्लभ मानुष जन्म है, देह न बारम्बार l
तरुवर ज्यों पत्ता झड़े, बहुरि न लागे डार।
अर्थ : इस संसार में मनुष्य का जन्म मुश्किल से मिलता है, यह मानव शरीर उसी तरह बार-बार नहीं मिलता जैसे वृक्ष से पत्ता झड़ जाए तो दोबारा डाल पर नहीं लगता l
"अधिक जानकारी के लिए Satlok Ashram Youtube चैनल पर visit करें"
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All the living beings have originated from supreme God Kabir. He is the father of all souls. He is the giver of life and the bestower of happiness.
- #SaintRampalJi Maharaj
To know More Visit Satlok ashram you tube chanel.-
Saint Rampal Ji is the True Saint
जो हजारों कष्ट सहन करने के बावजूद अपने सत्य पर अडिग हैं। वही हैं जो जगत के उद्धार के लिए आये हैं। उन्हें आम इंसान समझने की भूल न करें l
अधिक जानकारी के लिए देखना ना भूलें..
साधना tv शाम 07:30 से 08 30 तक-
Supreme God Kabir, even prior to the knowledge of the Vedas, was present in Satlok, and has also Himself appeared in all the four yugas to impart His real knowledge.
He is the one who grants salvation.
~ Saint Rampal Ji Maharaj
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गलत मार्ग पर चल रहे पथिक को नक्शा दिखाकर सही मार्ग बताना निंदा नहीं परोपकार होता है
यह महा परोपकार ✴️Saint Rampal Ji Maharaj कर रहे है
अधिक जानकारी के लिए देखें..
~ साधना Tv 07:30 से 08:30 तक-
परमेश्वर कबीर साहेब कहते हैं :-
गुरु को सर पर राखिये चलिये आज्ञा माहि ।
कहैं कबीर ता दास को, तीन लोक भय नाहीं ।।
गुरु को अपने सिर का गज समझिये अर्थात , दुनिया में गुरु को सर्वश्रेष्ठ समझना चाहिए क्योंकि गुरु के समान अन्य कोई नहीं है । गुरु कि आज्ञा का पालन सदैव पूर्ण भक्ति एवम् श्रद्धा से करने वाले जीव को संपूर्ण लोकों में किसी प्रकार का भय नहीं रहता । गुरु कि परमकृपा और ज्ञान बल से निर्भय जीवन व्यतीत करता है ।
!!सत साहिब जी!!-
या दुनिया दो रोज की मत कर यासे हेत
हरि चरनन चित लाइये, जो पूरन सुख देत।
अर्थ :- यह संसार दो दिनों का है। इससे प्रेम और आशक्ति मत करो। ईश्वर के चरणों पर अपने चित्त को लगाओ तो तुम्हें सम्पूर्ण सुख प्राप्त होगा।
अवश्य देखे सत्संग साधना टी वी पर शाम 7:30 से 8:30 तक-