आज का प्यार इतनी दुरुत गति से अपनी मंजिल ढूंढता है, मानो उसके टक्कर का कोई हो ही नहीं,
उस पर पोर्टेबिलिटी की सुविधा, जब मन किया कम्पनी ही बदल दी। एक हमारा जमाना था, नौ-दस साल हाँ-ना में ही लग गये, फिर एक अभियंता से मेरी रिप्लेसमेंट हो गई।- रविशंकर कुमार "निखिल"
1 JUL 2020 AT 6:14