दिल की बातों से, दिल के दर्द तक
दिल के दर्द से दिल के संभलने तक,
दिल के संभलने से, ख़ुद को पहचान ने तक
और खुद को पहचान ने से, इत्मिनान तक का
एक मुसलसल सफ़र है ज़िंदगी- ©ख़्वाबीदा
31 AUG 2025 AT 7:39
दिल की बातों से, दिल के दर्द तक
दिल के दर्द से दिल के संभलने तक,
दिल के संभलने से, ख़ुद को पहचान ने तक
और खुद को पहचान ने से, इत्मिनान तक का
एक मुसलसल सफ़र है ज़िंदगी- ©ख़्वाबीदा