Parth S   (पार्थ)
3.6k Followers · 2.2k Following

read more
Joined 24 May 2017


read more
Joined 24 May 2017
Parth S 9 HOURS AGO

मैं धुन श्याम की बंसी जैसे,
तुम राधा की पुकार प्रिय...!

-


29 likes · 2 comments
Parth S 9 HOURS AGO

चाँद भी बेताब है एक उम्र के बाद ढ़लने को,
आखिर और कितनी साँसे बाकी है इस ज़िस्म में...!

-


22 likes · 8 comments
Parth S 9 HOURS AGO

मैं सांवला गोकुल का,
तुम बरसाने की गोरी प्रिय...!

-


13 likes · 2 comments
Parth S 9 HOURS AGO

माना दोस्ती है हमें कॉफी से गहरी,
पर मोहब्बत हमने उस साँवली चाय से की है....!

-


#@Hahahaha #@
#YourQuoteAndMine
Collaborating with Tulika Garg

20 likes
Parth S 12 HOURS AGO

ये उम्र किसी दिन जैसी है..!
एक ना एक रोज़ इसे ढ़ल जाना है..!

-


32 likes · 3 comments
Parth S 12 HOURS AGO

मैं सुकून देसी साईकल का,
तुम हड़बड़ी फर्राटा कार की प्रिय....!

-


#साईकल #फर्राटा_कार #yqbaba #yqdidi
बहन Harshika Mohta के quote से प्रेरित

30 likes · 2 comments
Parth S 21 HOURS AGO

कल रात मैं झल्ला गया माँ पर,
चिल्ला दिया अपनी आवाज़ को उठाकर....
कहा मैंने माँ से,
इस उम्र में भी क्यों जागती हो तुम देर रात तक ...!
हो जाती है मुझको देर लौट कर आने में दफ़्तर से,
तो क्यों तुम हो जाती हो परेशान, और
कर लेती हो खुद को बीमार....
माँ ने जवाब दिया मुझको,
बेटा तू बड़ा हो गया है,
लर याद रख कि आज भी तू,
मेरे लिए मेरा बेटा है,
मैं जागती हूँ देर रात तक,
क्योंकि देख सकूँ तुझे सकुशल,
और रही बीमारी की बात तो सुन मेरे लाल,
इस उम्र में तो लगा रहता है बस यही हाल.....!

-


Show more
31 likes · 4 comments · 4 shares
Parth S 21 HOURS AGO

बड़ा हसीन किस्सा था मेरी मोहब्ब्त का,
जो बस नींद वाले ख़्वाबों में था...!

-


29 likes · 3 comments
Parth S 21 HOURS AGO

आज मेरे शब्दकोश में,
कुछ सूखा सा पड़ा है....!
क्योंकि इस बरस में,
मेरे दिल की खेती वाली ज़मीन में....
नहीं हुई बारिश एहसासों की,
और सूख गई है फसल,
मेरे सोने से लहलहाते अल्फ़ाज़ों की.....
कुछ जो अल्फ़ाज़ बच गए थे,
उस सूखे की मार से,
ना जाने कैसे मार दिया पाला,
तुम्हारी यादो की सर्द हवाओं ने.....
अब सोच रहा हूँ कैसे चुकेगी,
किश्तें उन ख़्वाबों की...
जो मैंने उधार लिए थे रंगीन रातों से,
सोचा था तुम और मैं,
साथ में जोतेंगे इस दिल वाले खेत को,
हो जाएगी अच्छी फसल हमारे इश्क़ की,
पर ना जाने कैसा तूफान आया जुदाई का,
जो बिखेर गया तिनका तिनका,
उस हरे भरे खेत का....
जिसको हमने सींचा था, मोहब्बत के पानी से.....

-


Show more
27 likes · 8 comments · 2 shares
Parth S 21 HOURS AGO

नींद खुलती है मेरी,
कभी मंदिर की घण्टी सुनकर,
कभी स्पीकर में अज़ान सुनकर,
कभी गुरुवाणी के सबद सुनकर,
कभी गिरिजाघर से आती,
होली बाइबल के पैराग्राफों को सुनकर....
आखिर क्यों मैं झगड़ू तुमसे,
कभी हिन्दू या कभी मुसलमान बनकर....!

-


31 likes · 4 comments

Fetching Parth S Quotes

YQ_Launcher Write your own quotes on YourQuote app
Open App