Rikesh manikpuri   (✍️ Rikesh Manikpuri)
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Chhattishgarh ka chhora 😍😘
Joined 1 April 2020


Chhattishgarh ka chhora 😍😘
Joined 1 April 2020
11 FEB AT 19:12

ठोमहा भर राजनीति

ठोमहा भर राजनीति म , हांड़ी भर कूट नीति हे
मीठ -मीठ बोली बोल के , बाँटत लुगरा धोती हे
पांच बछर म आये दिन ह , भरही ताहन अपन कोठी हे
ठोमहा भर राजनीति म , हांड़ी भर कूट नीति हे
रंग रोंगन ले रोवत कोठ ह , प्रचार लिखे चारों कोती हे
अध्धी पउवा दारू देसी , चखना म कूकरी पूड़ी रोटी हे
वोट के बदला नोट बटही, रात म पुन्नी ज्योति हे
इही रीती ये इही नीति ये शोर राजनीति चारो कोती हे
ठोमहा भर के राजनीति म , हांड़ी भर कूट नीति हे

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6 JUL 2023 AT 18:12

चुनाव के बेला हड़ताल के खेला
जुल मिल जुरियाये ताने तंबू अउ घेरा
माँगत कर्मचारी महंगाई के भत्ता
सुनले कका अब कुछु नई हे सस्ता
मंहगाई के संग परिबार घलो बाड़ गेहे
अउ बात हरे अइसन शउक घलो बाड़ गेहे
महल ,सवारी चार चक्का के करबो
तभे कर्मचारी सरकारी हम लगबो
चिंता म कका चुनाव के हे बेरा
कइसे निपटाओ ये हड़ताल के खेला
हजार पचास वेतन लाख मै देहु
सतरा लाख कर्मचारी ,वोट बोनस मैं लेहु
लुभावना योजना ,नुकसान कोन ध्यान दे
दु करोड़ आबादी टैक्स कर अउ बढ़हान दे
एक रुपया के चीज म टेक्स जनता ल पटान दे

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9 JUN 2023 AT 13:11

जिनके लिए मैं सरदर्द हूँ
वो बेशक पेनकिलर लेते रहें

स्वस्थ रहें मस्त रहें
😜😜😜

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7 JUN 2023 AT 20:03

यारों तुम संगत में
रँगना हैं तो अपने रंग में रंगों
बिगड़ो न तुम संगत में
खुशियां तो हर पल में छिपा
ढूंढते तुम संगत में
अपना भला बुरा भी देखो
यारों तुम संगत में

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7 JUN 2023 AT 19:54

सस्ते लोग इन नमूनों में
यूँ तो होती हैं हर चीज़ की क़ीमत
तुम हो बेसकीमती नगीनों में

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20 MAY 2022 AT 14:22

एक गलतफहमी
हजारों गलतफहमियां पैदा करती हैं

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24 FEB 2022 AT 17:17

करूँ इबादत
सात जन्मों का साथ मिले
नाजरगी ,उदासी में भी
तेरी मुस्कान का अहसास मिले
रूठना मनाना शिलशिला है राहों का
सफर राहों में तेरा ही साथ मिले

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7 FEB 2022 AT 17:03

Rose किसे दूं मैं ,
जिसके लिये मैं गुलाब था
सफ़र था एक पर मंजिल जुदा था
हर रोज अकेला हूँ मैं
Rose किसे दूँ मैं

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7 FEB 2022 AT 14:58

आज वो किसी और को गुलाब देगी
जिसके गुलाब कभी मैं था ना ,
मेरे गुलाब न लेने पर कभी रो दिया करते थे
आज सुकून तुझे बहोत है ना ll

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5 FEB 2022 AT 21:22

लिखूंगा कोई दास्तां
मुझे स्याही कि जरूरत ही
सूर्य किरण हूँ मैं
दिया सलाई की जरूरत नही
चंद लम्हों का हैं अपनो का प्यार
ऐसे प्यार स्वीकारुं मेरी चाहत नही

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