बहुत भाव खाने लगे, मुझे छोड़ देने का इरादा तो नहीं।
हर बात के उलटे जवाब, कही और इश्क़ का वादा तो नहीं।
"और"
बड़े ही नाज से बिठा रखा हूँ, तुम्हे अपने साराखो पर।
तुम्हे सजाए रखा है ख़्यावो में, तुम्हें खोने का इरादा तो नहीं।।-
तेरे इतने करीब था थोडा वक़्त तो दे,
चले जाऊंगा तुझसे दूर थोड़ा वक़्त तो दे।
"और"
महफ़िल सजाई थी बड़े नाज से हमनें,
कर दूंगा उन्हें वीरान थोड़ा वक़्त तो दे।-
जो मोहब्बत हुई थी अब हम उसे यादों में निभाएंगे,
इस साल की तरह हम भी तेरी जिंदगी से चले जायेंगे।
"और"
जिंदगी के इस मोड़ को अब जो चाहे नाम दे तू,
अब के गए दोबारा नजर कभी नही आएंगे।।
अलविदा मेरे यार...........😢-
मेरी किस्मत ने बहुत कुछ छीना हैं मेरे से, गर तुझसे भी दूर किया तो अफ़सोस नहीं........
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कही ख्वाब दिल मे सजा रही होगी,
कही मुझे दिल मे बिठा रही होगी।
मै यहाँ लाठियां चला रहा हूँ,
वो कही कलम चला रही होंगी।।-
कही ख्वाब दिल मे सजा रही होगी,
कही मुझे दिल मे बिठा रही होगी।
मै यहाँ लाठियां चला रहा हूँ,
वो कही कलम चला रही होंगी।।-
सीने से लगा रखा था उसके अरमान सजा रखा था
वो मोहब्बत बेमिसाल थी जिसे दिल में छुपा रखा था
कभी कही बेनक़ाब करने की गुस्ताख़ी न की हमनें
वो आशिक़ी अनमोल थी जिसे कोहिनूर बना रखा था..-
गर गुमान तुम्हें तुम पर हैं, तो गर्व हमें हम पर हैं
मिलें होंगे लल्लू ढ़ेरो, पर वो आबरू कहा जो मुझ पर हैं-
तेरी मोहब्बत के तलबदार बहुत हैं
इस पार कुछ तो उस पार बहुत हैं
संभल कर रखना हर एक कदम
यहाँ आशिक़ कम भूखे बहुत हैं-