रोशन हुआ करता है अब चांद सूनी गलियों में हमारी,अमावस की फिक्र किसे और पूनम का सबर कहां! - Ram Niranjan Raidas
रोशन हुआ करता है अब चांद सूनी गलियों में हमारी,अमावस की फिक्र किसे और पूनम का सबर कहां!
- Ram Niranjan Raidas