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Rajnish Shrivastava 24 DEC 2019 AT 11:12

तुम्हारे गर्म हाथ का स्पर्श मेरे दिल को छू गया था
मेरे सपनों को लगे पंख तो मैं उड़ने लग गया था
ख्यालों में खोया मैं कई रातों को सो न पाया था
बड़ी मुश्किल से मेरे अंदर का वहम भाग पाया था
जिसे समझा था मैंने प्रेम वो एक महीन धागा था
वो टूट गया उस दिन जब तुम्हारा अहम जागा था

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तुम्हारे गर्म हाथों की गर्मी
रूह में जमी बर्फ़ को पिघला देती है।
#गर्महाथ #collab #yqdidi #YourQuoteAndMine
Collaborating with YourQuote Didi

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