मुसाफिर है हर शख्स यहाँ
सबको यहाँ से चले जाना है
कोई आज चला गया अगर
तो कल किसी को जाना है
सफर ही तो है यह जिंदगी
जिसका नहीं ठिकाना है
न पालो इतनी ख्वाहिशें
बोझ इनका न उठा पाओगे
जी लो हर लम्हा ख़ुशी से आज
कल को किसी ने न जाना है
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7 MAR 2021 AT 12:50