10 JUN AT 21:07

मेरे बस में नहीं तुम्हे भूल पाना
तुम्हारी यादों से परे चले जाना
कैसे भूल जाएं हम उन पलों को
जब सिखाया था तुमने मुस्कराना
जी रहे हैं हम उन यादों के सहारे
मिला था जब पलकों का आशियाना
अब भी खो जाते हैं हम उन ख्वाबों में
जिसने बना डाला था हमें दीवाना

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