घोर अंधेरा है पर दूर एक दिया टिमटिमा रहा है
हम न हो उदास इसलिए दिया मुस्कुरा रहा है
राह का पता नहीं मगर आस तो जगी मन में
दिया दूर ही सही लेकिन उत्साह बढ़ा रहा है
फैसला कर तो लिया ऊंचे रास्तो पर चलने का
अब मन में अकेले चलने का डर सता रहा है
बहुत रोका था अपनो ने इस राह पर बढ़ने से
हमारा दिल अब आगे बढ़ने से घबरा रहा है
कोई नहीं है साथ सफर में हम अकेले पड़ गए
अब ताजी हवा का झोंका साथ देने आ रहा है-
23 MAR 2020 AT 21:05