आइना पूछता है क्यों बदले बदले से नजर आते हो
कभी देख मुस्कराते थे अब चेहरा छुपाए चले जाते हो
निहारते न थकते थे कभी हमें सुबह शाम बार बार
अब तो सामने से निकल कर भी नजरें नहीं मिलाते हो
भूल गए मुस्कराना जब से छूटा है उनका साथ
मन में पड़ी यादों की चादर क्यों नहीं हटाते हो
क्यों करते हो फिक्र उनकी जो परवाह न तुम्हारी करते
दिन रात उनकी चिंता में क्यों खुद को भूल जाते हो-
28 JAN 2021 AT 14:19