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वो पांचाली थी, तुम थे जिस संग।
या सीता के लिए राम थे तुम।
पर कलियुग जब आ जायेगा,
तो कौन नारी को बचायेगा?
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केशव, यह रण जगत का विधाता है।
इसमें ही धर्म जन्म पाता है।
यदि मेरे कारण पांडव हारे,
तो जग जी पायेगा किस धर्म के सहारे?
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(पूर्ण कविता अवश्य पढ़ें..... अनुशीर्षक में....)- ©रजत द्विवेदी
1 DEC 2019 AT 16:38