27 JUN 2019 AT 23:37


कल्की अवतार

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अंत में सतयुग फिर आयेगा, धरती पर प्रेम छा जायेगा।
"कल्की" का नाम जो गायेगा, वो भवसागर तर जायेगा।
जय नारायण जय जय कल्की, जय राम प्रभु जय जय मुरली।
जय जगन्नाथ जय जय नरसिंह, जय नारायण जय जय विष्णु...

जय नारायण जय जय कल्की... जय नारायण जय जय विष्णु...
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(सम्पूर्ण रचना अनुशीर्षक में पढ़ें.......)

- ©रजत द्विवेदी