Raj Dubey   (Raj Dubey)
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Joined 22 December 2017


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Joined 22 December 2017
YESTERDAY AT 13:01

वो अक्सर अपनी परेशानियां खुद ही सुलझा लिया करती हैं । कभी खुद के लिए यू ही बेवक्त चाय बना लिया करती है । कभी कोई पुराने गीत गुनगुना लिया करती है । कभी बैठ खुले आकाश के नीचे घंटो चांद तारो से बतिया लिया करती है । कभी कुंडी लगा दरवाजे की बेखौफ रो लिया करती हैं । कभी रसोई में जाकर खुद की पसंद का खाना बना लिया करती है । कभी लेकर कलम और पन्ने लिख कर सबकुछ भूला दिया करती है । कभी किसी अधूरी किताब को पूरा पढ़ लिया करती है । कभी आईने में खुद को देख समझा लिया करती है । कभी खुद के साथ भी में वक्त बिता लिया करती है। और बस ऐसे ही अक्सर वो , अपनी परेशानियां खुद ही सुलझा लिया करती है।

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19 MAY AT 14:34

जो चले गए दूर इस जहाँ ( दुनिया) से ,
उनकी कमी एक याद बन कर जीवन मे रह जाती है।

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20 APR AT 11:40

जब तुम्हारा प्यार तुम्हे छोड़कर चला जाए या किसी और का हो जाये या साथ मे रहना नही चाहे तो उसके साथ जबरदस्ती दोस्त बनकर रहने की ज़िद में तुम्हारे अंदर जो प्यार था वो भी खत्म होने लग जाता है .. ! क्योंकि तुम तो प्यार करते हो अभी भी उसे , पर उसका आधे मन से बात करना , हमे और हमारी बातो को सीरियस ना लेना सब अंदर से तोड़ देता है और धीरे धीरे उस इंसान के लिए प्यार भी खत्म कर देता है इसलिए कोई चला जाए एक बार तो उसके पास दुबारा नही जाना चाहिए अगर वो पहले जैसा प्यार ना दे पाए तो । जिस मोड़ पर छोड़कर जाए वहीं उसे tata bye करके कभी कभी हाल चाल जान लो बस । ये touch में रहने की जिद से नुकसान दुबारा हमारा ही होता है । अगर दुबारा ज़िन्दगी में घुसोगे तो उस प्यार को भी खो दोगे जिसके बारे में सोचकर तुम कभी कभी खुश हो लिया करते हो । रास्ता बदल लिया था उसने पर प्यार थी वो मेरा ये सोचकर मैं उससे बात कर लेता था पर उसका आधे मन से बात करना मेरे अंदर उसके लिये प्यार को खत्म कर रहा था । ये सोचकर मैंने उससे दूरी बना ली थी की कहीं खत्म ना हो जाए उसके लिए मेरे अंदर प्यार पहले उसके साथ गुजारे गए पलो से अच्छा खासा दिन कट रहा था ।

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3 APR AT 21:33

उदासी और मायूसी भरी एक शाम आएगी
मेरी एक तस्वीर रख लेना तुम्हारे काम आएगी ..

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30 MAR AT 20:56

लोग कहते है कोई किसी के बगैर नही मरता , बिल्कुल कोई किसी के बग़ैर नही मरता है क्योंकि जीने की बहुत सी वजह होती है और मरना जितना आसान लगता है उतना आसान भी नही होता है हर किसी को आसानी से मौत नसीब नही होती है , पर किसी के जाने से इंसान जो अंदर ही अंदर मर जाता है उसे कोई नही देख पाता सबको चलती हुई देह और चलती हुई साँसे दिखती है बस पर अंदर से जो उसकी आत्मा रोज मर रही है पुरानी बातो को याद करकर , उसे कोई महसूस नही कर पाता और असल मे लोगो को पड़ी भी नही है तुम अंदर से कैसे फील करते हो , अगर कोई संभालने और समझने वाला मिल जाता है तो फिर से वो इंसान वैसे ही फिर से जिंदा होने लगता है जैसे एक ठूठ वाले वृक्ष में से नई पत्तियां निकल आती है । वरना शांत हो जाता है और अपने आप मे सिमट जाता है , आप लोगो ने अपने आस पास देखे होंगे हँसते खेलते इंसान को शांत होते हुए । वजह यहीं है कि वो अंदर से पूरे टूट जाते है दुनिया से भरोसा उठ जाता है कुछ तो पागल तक हो जाते है ।।।

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22 MAR AT 13:59

दिल आजकल , अनजान सा है , कभी कुछ चल रहा होता है , कभी शांत सा खोया होता है ! कभी इंतज़ार में रहता है ना जाने किसके , कभी दूर रहना चाहता है , इश्क़ के बेताब सा , कभी बहाने खोज बहला रहा है खुद्को ,न चाहने कैसे क़समकश में ये ना हार रहा है , न जीत रहा है खुद् से !!!!

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20 MAR AT 19:08

सब कुछ गुजर जाता है। अपना गाँव, अपना घर, अच्छा दोस्त, बेहद इश्क़ सब कुछ। हम छूट जाते हैं। ज़िंदगी में अकेले सफ़र करने को। उम्र भर यादों में भटकने को।
भागती हुई ज़िंदगी में एक पल रूककर सांस लेने पर लगता है सदियाँ गुजर गयीं ज़िंदगी जीये हुए। अपने फेवरिट स्पाॅट पर चाय पीये हुए, डूबते हुए सूरज को ठहरकर देखे हुए, किसी नदी किनारे होती सुबह देखे।
ज़िंदगी बस भाग रही है। हम सब भाग रहे। हम सबने जीना छोड़ दिया है। एक दिन मर जायेंगे या शायद हम मर चुके हैं... पहले बहुत पहले।

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15 MAR AT 19:55

हमें कहां पता था ये कि
तुम कहीं और के मुसाफ़िर हो,
हमारे दिल की चौखट तो बस
यूं ही रास्ते में आ गई थी ..

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14 MAR AT 20:32

मैं क्या लिखूँ तेरे बारे मे ये ज़िन्दगी
तू रोज़ मुझे थोड़ा थोड़ा लिख रही है...

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11 MAR AT 12:04

एक लम्बे से इंतज़ार और छोटी सी ज़िन्दगी के बीच , बड़ी कोशिश कर रहा हूँ खुद को ढूंढ़ने की ... मैं वो हूँ जैसा लिखता हूँ या वो हूँ जो मैं कभी लिख नहीं पाता हूँ ,, मैं अपने शब्दों की ही तस्वीर हूँ या निशब्द चित्र ही मेरी असलियत मैं हैं ,, ये सब मेरी हकीकत है या मेरा भरम है , मैं कौन हूँ मै ? क्या हूँ मैं ? ये सबसे बड़ा सवाल है या फिर हर सवाल का जबाब है।

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