पूर्वार्थ Deo   (पूर्वार्थ)
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Joined 24 August 2019


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Joined 24 August 2019

जिन रिश्तों में आपकी
मौजूदगी का कोई मतलब
नही हो वहाँ से मुस्कुरा
के चले जाना ही बेहतर
होता है

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(गुजरा हुआ कल )


कहाँ हो तुम , क्या कर रही हो।।
वक़्त रहता है अब , कि अभी भी व्यस्त रह रही हो।
अब वक्त काफी गुजर चुका है !
शहर अब ये हमारी बातें नही करता ।
नदियां अब ये हमारी राह नही तकती।
महिफल में अब हमारा शोर नही होता।
छतों पर हमारी अब वो मोर नही होता।

खैरियत तेरी...

खैरियत तेरी अभी भी पूछते है सभी मुझसे!
शायद जानते नही , दिल टूटने के वक़्त शोर नही होता।

समझाता बहुत हूँ मैं ,लेकिन वो कहते है मुझसे !
प्यार को बीच मे छोड़ दे वो महबूब नही होता।

               

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समाज और ग्रहस्त जीवन
(रीड इन कैप्शन)

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फिलहाल किसी की तलब नही मुझे।
फिलहाल अपनी तलाश में हूं...!!

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16 JUL 2024 AT 22:13

हां थोड़ा बोरिंग हूं मैं ,
सोंग्स के नाम पर गजले सुनता हूं
फ्लर्ट के नाम पर ,
कविताएं करता हूं
यूं तो दुनिया भर को ज्ञान दे सकता हूं ,
बस किसी एक के आगे दिमाग
काम नहीं करता , बस मन करता है
पर वो भी वश से बाहर जाकर !

नही आता मुझे , बालो को रंगीन करके घूमना ,
नही भाता  मुझे नए जमाने का
पहनावा !
इसलिए शायद थोड़ा बोरिंग तो हूं मैं !
मन छोटी छोटी बातो से उदास होता है
नही आता मुझे किसी को इग्नोर करना
नही आती समझ रिश्तों की पहेलियां
सीधा सीधा समझता हूं , सीधा साधा रहता हूं
इसलिए थोड़ा बोरिंग तो हूं मैं !

हां किसी से प्रेम भी करता हूं ,
हां वही एकतरफा वाला
नही आता मुझे जताना तो
सीधा सीधा पूछ लिया
अब क्या है ना रोमांटिक तो हूं पर
बता नही सकता ना
आज के टाइम में रोमांटिक होना कुछ अलग ही समझ लेते है
मैं ठहरा शायरी , कविताओं और गजलो वाला
इसलिए कह सकते है , थोड़ा बोरिंग तो हूं मैं !!!

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16 JUL 2024 AT 16:00

वास्तविकता के चरम बिंदु पर आस्तित्वहीन, तुम्हारा चिंतन कल्पनाओं में सजीव, तुम जहाँ वहीं स्थिर, और मैं प्रेम के समक्ष अवनमन प्रतिबिंब प्रेरित करता आगे बढ़ता हूँ तुम्हें समेटने के लिए ढूंढता हूँ अनुभूति गहन, जो तृप्त कर दे अंतरात्मा को....मूक छवि धूमिल पाता हूँ, नितांत निशब्द, निशांत मैं....जैसे हो कोई दर्पण स्तब्ध धरा पर ओस की बूंद सा अनुराग समस्त तुम पर अर्पण....!

निसंदेह प्रेम एक अनुभूति ही तो है शाश्वत रिश्तों के मर्म की, सुर्ख जोड़े में लिपटे गर्व की और विरक्ति से उपजे दर्द की...!

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16 JUL 2024 AT 15:59

“Sometimes you let go of people without even noticing. You stop thinking of them everyday. You stop waiting for them to reply to you. You stop allowing them to take up so much space in your life. You move on, you go about everyday without worrying about them. You stop expecting them to come back with an apology. You accept that they are no longer a part of your life. You just let them go, simple as that.” 🥲

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16 JUL 2024 AT 12:47

असली आज के आधुनिक युग के फेमिनिज्म लड़की और उसके मां बापकी मानसिकता

( read in caption)

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16 JUL 2024 AT 12:25

Most social media influencers try to portray their lives as perfect. Always remember that a perfect life is not possible and make sure that who you are following is good for your mental health.

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16 JUL 2024 AT 10:49

The most important thing in all human relationships is conversation, but people don’t talk anymore, they don’t sit down to talk and listen. They go to the theater, the cinema, watch television, listen to the radio, read books, but they almost never talk. If we want to change the world, we have to go back to a time when warriors would gather around a fire and tell stories.

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