Prerna Chaudhary   (©Prerna)
8.3k Followers · 30 Following

read more
Joined 9 October 2018


read more
Joined 9 October 2018
Prerna Chaudhary 7 HOURS AGO

क्या क्या छूटा बचपन से,
मेरे मन के उपवन से,
कुछ यादें जिनको भूली हूँ,
कुछ झूले जिनपर झूली हूँ,
कुछ पेड़ थे जो अब कट चुके,
कुछ आँगन टुकड़ो में बँट चुके,

(अनुशीर्षक में)

-


Show more
89 likes · 21 comments
Prerna Chaudhary 16 HOURS AGO

जब मुस्कुराना था हमें तो ग़म बहुत मिले,
तुमसे पहले भी तुम जैसे सनम बहुत मिले,

हमने हकीक़त से दोस्ती करनी चाही मग़र,
ये क़िसमत तो देखो वहम बहुत मिले,

हमने रहम किया बेवफ़ा भी आज़ाद किये,
मग़र हमें इस जहाँ में बेरहम बहुत मिले,

अपना बनकर आये ज़िन्दगी में पराये बड़े,
तासीर नमक सा लिये मरहम बहुत मिले,

इक बार किसी पे यूँ मरे कि जीना भूल गये,
वरना हमें जीने के लिये जनम बहुत मिले!

-


Show more
137 likes · 56 comments · 3 shares
Prerna Chaudhary YESTERDAY AT 0:31

सुकून तो केवल सत्य में है,
ख़ुशी शर्तों के साथ आती है!

-


138 likes · 22 comments · 1 share
Prerna Chaudhary YESTERDAY AT 0:22

कभी कभी किसी व्यक्ति से या किसी सम्बंध विशेष से हम इतना जुड़ जाते हैं इतना प्यार करने लगते हैं कि वह हमारी मूलभूत आवश्यकता बन जाता है! हम अपने आप को उसके अनुसार बनाते जाते हैं और हमें लगता है कि वह हमारे लिए सर्वोत्तम (परफेक्ट) है.....जैसे बचपन से हमें एक सर्वसिद्ध सत्य बताया जाता है कि सूर्य पूर्व दिशा में उगता है किन्तु सूर्य तो कभी उगता ही नहीं पृथ्वी घूमती है तो सही वाक्य यह है "सूर्य पूर्व दिशा में उगता हुआ दिखता है!" यहाँ पृथ्वी घूम रही है अपने प्रत्येक भाग को रौशनी व ऊर्जा देने के लिये लेकिन माना यही जाता है कि सूर्य नियमित रूप से उगता है अपना कर्तव्य निभाने के लिये! या एक दूसरे उदाहरण द्वारा भी हम समझ सकते हैं किसी कुत्ते को हड्डी मिल जाती है और वह उसे अपनी पूरी ताक़त से चबाने का प्रयास करता है इतना ताक़त से कि उसके ही मसूढ़ो से रक्तस्राव होने लगता है और कुत्ते को यह भ्रम हो जाता है कि हड्डी से रक्त निकल रहा है!

-


Show more
115 likes · 63 comments
Prerna Chaudhary 2 JUN AT 20:21

और एक सत्य यह भी है कि...
किसी भी स्त्री के मन में गहराई
केवल अपने राज़ छुपाने के लिए होती है,
वरना किसी और की रहस्यमयी बात
पता चलने पर तो
उनका मन 'मृत सागर' नामक
झील के समान हो जाता है..
जिसमें ज़्यादातार हर चीज़
सतह पर तैरती है, डूबती नहीं!

-


Show more
144 likes · 25 comments
Prerna Chaudhary 2 JUN AT 9:40

ब्रेकअप के बाद भी उसी से प्यार करते रहना,
या बिना मिले बात किये भी प्यार करते रहना,
ये दोनों तरह का "महान" एकतरफ़ा प्यार..
और कुछ नहीं बस कोई और ना मिलने
की "मजबूरी" है..अर्थात्.....

"मजबूरी का नाम महात्मा गाँधी"
😂😂😂😂😂😂😂😂

-


Show more
150 likes · 40 comments · 3 shares
Prerna Chaudhary 1 JUN AT 21:56

ये घर मन्दिर है और तुम ईश्वर की मूरत हो,
कि इस सारे जहाँ में तुम सबसे ख़ूबसूरत हो,
मुझे मिल जायेंगी चाहे ख़ुशियाँ इस ज़माने की,
मगर मेरी तो माँ पापा तुम ही इक ज़रूरत हो!

-


150 likes · 32 comments · 2 shares
Prerna Chaudhary 31 MAY AT 13:20

मुझे जीवन में अंत की तलाश है,
और अंत को मुझमें जीवन की !

-


Show more
181 likes · 58 comments · 1 share
Prerna Chaudhary 30 MAY AT 22:39

ग़म की तलाश है मुझे, ख़ुशियाँ रास ही नहीं आ रही,
ये तो कहने की बात है, ख़ुशियाँ पास ही नहीं आ रही!

-


188 likes · 78 comments
Prerna Chaudhary 30 MAY AT 22:22

चाहतें जो बेहिसाब हो गईं थी,
राहतों का रूठना लाज़मी था!

-


192 likes · 56 comments

Fetching Prerna Chaudhary Quotes

YQ_Launcher Write your own quotes on YourQuote app
Open App