Prerna   (©Prerna)
7.6k Followers · 25 Following

read more
Joined 9 October 2018


read more
Joined 9 October 2018
Prerna 9 HOURS AGO

आँसुओं से भरके कलम अक्सर, मुहब्बत लिखती हूँ,
जब भी यादें तेरी हद से गुज़रती हैं, मैं ख़त लिखती हूँ,

ना हाल-ए-दिल लिखती हूँ, ना मलाल-ए-दिल अपना,
तेरे चेहरे की पाकीज़ा हँसी की, हिफाज़त लिखती हूँ,

दर्द मेरा लिखती हूँ तो रोते हैं वो सारे हर्फ भी इसलिए,
मैं सही हूँ मैं खुश हूँ हर बार अपनी, ख़ैरियत लिखती हूँ,

ना खुदा से छुपा था कुछ, ना तू ही कभी अनजान था,
मैं तुम दोनों से नाराज़गी तो कभी, नफ़रत लिखती हूँ,

लिखती हूँ ज़िम्मेदार तुम्हें, अपने हर हालात का और,
मैं तुम्हीं को ज़िन्दगी की आख़िरी, चाहत लिखती हूँ!

-


85 likes · 13 comments · 1 share
Prerna 13 HOURS AGO

मुझे इस क़दर खाली कर गया वो,
कि उसे जाता देख जो आख़िरी मर्तबा,
दिल ने उसका नाम पुकारा था...

वो अब तलक गूंज रहा है मुझमें....

-


Show more
132 likes · 45 comments · 1 share
Prerna 13 HOURS AGO

मुझे उस अँधेरे ने अपना लिया, जिससे मैं हमेशा भागा करती थी,
जब सोये होते थे दिन भी मेरे लिए, मैं रातों को जागा करती थी!

-


128 likes · 25 comments
Prerna YESTERDAY AT 23:30

योद्धा वो नहीं हिस्से में जिसके कोई हार ना हो,
योद्धा वो है जिसे लड़ने से कभी इंकार ना हो!

-


Show more
164 likes · 52 comments · 2 shares
Prerna YESTERDAY AT 23:08

और अगर बनना ही है
तो "वक्त" जैसा बनो,
ताकि दुनिया आपके
साथ - साथ चलना चाहे,
आपके साथ से लोगों के
जख्म भर जायें,
आप हमेशा के लिए नहीं हो,
ये सोचकर सभी आपकी
कदर करना चाहें,
किसी के लिये खूबसूरत
लम्हे की तरह तो
किसी का काल बन जाओ,
हमेशा चलते रहने का
नियम हो आपका और
निष्पक्षता की मिसाल बन जाओ !

-


Show more
120 likes · 30 comments
Prerna YESTERDAY AT 12:58

तेरे जाने से मुझे कोई, शिकायत नहीं है,
ये मुहब्बत है मुहब्बत है, आदत नहीं है,

नहीं है ज़रूरी कि हर दम साथ हो तुम,
हाथों में हाथ होना ही, रफ़ाक़त नहीं है,

सजदे में तुम्हारे जो झुकती हूँ मैं सनम,
हक़ में बस ख़ुदा के ही इबादत नहीं है,

कहने को मैं तुम्हारी हर सांस में हूँ मगर
दिल में तेरे धड़कने की इजाज़त नहीं है,

महफूज है हर घड़ी मेरे सीने में दिल तेरा,
तुझे प्यार मुझसे हो मिली इनायत नहीं है,

है ज़रूरी कुछ तो बस तेरी ख़ुशी है सनम,
तू उदास है कम कोई, ये क़यामत नहीं है,

जो इस कैद से रिहाई दे, ज़मानत नहीं है,
ये मुहब्बत है मुहब्बत है, आदत नहीं है!

-


Show more
148 likes · 47 comments · 3 shares
Prerna 25 JAN AT 21:24

मुहब्बत की नाकामी ने कामयाबी बहुत बख़्शी,
थोड़ा बहुत सुकून भी बख़्शती तो क्या बात थी!

-


184 likes · 46 comments
Prerna 25 JAN AT 10:15

मेरे दर्द से जिस दिन तू, रू ब रू होगा,
देखना हाल तेरा भी सनम, हू ब हू होगा!

-


Show more
180 likes · 70 comments
Prerna 24 JAN AT 13:29

"मैं, प्रकृति और प्रेम"

प्रेम प्रकृति से अपार मेरा,
हर पर्ण में टूटा संसार मेरा,
जलमग्न आँखों से मैं,
हर सूखा पत्ता देख रही थी,
भाव वेग के आगे मानो
विवेकता घुटने टेक रही थी,

(अनुशीर्षक में)

-


Show more
151 likes · 53 comments
Prerna 24 JAN AT 0:27

सूखे पत्तों की ओर
इशारा करते हुए,
ग़म ने कहा मुझसे,
ग़र नमी ना बरक़रार
रखी मैने तो कुछ
ऐसे ही टूट जाओगे
अपनी शाख से,
आँसुओं का भी
अपना अस्तित्व और
अपना महत्व है,
आख़िर जिन्दा होने की
पहचान रोने पर ही
तो होती है,
वरना मुस्कुराहट का
क्या है... अन्दर से
मरने के बाद वो
ठहर जाती है चेहरे पर
झुर्रियों की तरह!

-


Show more
162 likes · 70 comments · 2 shares

Fetching Prerna Quotes

YQ_Launcher Write your own quotes on YourQuote app
Open App