Prerna  
7.1k Followers · 25 Following

read more
Joined 9 October 2018


read more
Joined 9 October 2018
Prerna 20 HOURS AGO

एक ज्ञान



(अनुशीर्षक में)

-


Show more
98 likes · 42 comments
Prerna 22 HOURS AGO

तुमने तो आँख उठाकर
देखा भी नहीं था मुझे
और हाँ कर दी,
मैं कितना कुछ सोच कर बैठी थी कि
तुम कुछ बोलना शुरू करोगे
और मैं झट से ना कर दूँगी,
पर तुम्हारी हाँ ने जैसे
स्तब्ध कर दिया मुझे,

(अनुशीर्षक में)

-


Show more
147 likes · 76 comments · 3 shares
Prerna 9 NOV AT 19:52

तुम्हें भूल पाना ग़र मुमकिन होता
तो छुप कर भला क्यूँ ये दिल रोता?

मुझे इश्क़ ही क्यूँ होता तुमसे ग़र
दिल कुछ समझने के क़ाबिल होता?

मैं खुदा क्यूँ ढूँढती इन मजारो पर
ग़र तू मेरी जिन्दगी में शामिल होता?

मैं सिखाती सब्र करना दिल को ग़र
ये मुहब्बत में ना इतना जाहिल होता,

मेरी जिन्दगी भी मुकम्मल होती ग़र
तुझसे ये इश्क़ मेरा कामिल होता,

क्यूँ लहरें टकराकर लौटती हरदम
ग़र साहिल का प्यार हासिल होता?

तूने भी की होती ग़र मुहब्बत सनम
तेरा भी सुकून से जीना मुश्किल होता!

-


Show more
160 likes · 54 comments
Prerna 8 NOV AT 19:44

दुनिया वालो तसल्ली जरा तसल्ली से दिया करो,
एक ही काम करते हो, वो तो ढंग से किया करो!

-


Show more
206 likes · 76 comments
Prerna 8 NOV AT 19:36

ख़ुद से मिलें हैं हम, तुम्हें खोकर जानां,
अब हमें नामंजूर है तेरा लौट कर आना!

-


Show more
192 likes · 65 comments
Prerna 8 NOV AT 15:18

माना कि हम जलता तपता सूरज हैं,
और तू इक शीतल चाँद खूबसूरत हैं,
पर इस गुमान में ये भूल ना जाना तू,
तुझे चमकने के लिए मेरी ज़रूरत है!

-


201 likes · 67 comments · 3 shares
Prerna 7 NOV AT 19:50

किसी से हम ना मिले, किसी से ख़्यालात ना मिले,
दिल मिले तो बहुत मगर दिलों में जज़्बात ना मिले,

हाँ बहुत भीड़ थी सफ़र जब शुरू किया ही था मैंने,
मगर जो चले थे साथ उनके, हाथों में हाथ ना मिले,

कोई अजनबी हो या अपना, दिल दुखा ही देता है,
ग़ैर-मुमकिन है कि किसी में कोई बुरी बात ना मिले,

इन लकीरों की शिकायत के सिवा हम करें भी क्या?
जो बदल सकते इन्हें कभी, हमें वो हालात ना मिले,

क़िस्मत को ही सहना है इल्ज़ाम मुहब्बत में, मगर
ग़ैर-मुमकिन है इश्क़ में, कि दर्द की सौगात ना मिले!

-


Show more
187 likes · 88 comments · 5 shares
Prerna 7 NOV AT 10:51

जिन स्त्रियों को बचपन में ही
रोक लिया जाता है पढ़ने-लिखने से,
और अवरुद्ध कर दिया जाता है
उनका मार्ग देश के विकास और
उत्पादकता में सहयोगी बनने का,
तब हो जाते हैं ढेर उनके सभी सपने,
और बदल जाते हैं एक
मरूस्थलिय भूमि में,
जिसमें केवल उग सकता है
नागफनी का सजावटी पौधा,
और शायद इसीलिए ये स्त्रियाँ
सीख लेख लेती हैं,
सिलाई, कढाई और बुनाई जैसे
तमाम सजावटी काम और
सजाती रहती हैं हमेशा अपने घर
और अपने आप को, बिना किसी
पूँजी, जोख़िम और सहयोग के,
जैसे नागफनी का पौधा रहता है हरा
लम्बे समय तक आवश्यक तत्वों के अभाव में भी!

-


Show more
179 likes · 65 comments
Prerna 6 NOV AT 21:24

अब अगर कुछ वक़्त तकलीफ़ नहीं होती तो,
नब्ज देखनी पड़ती है, जिन्दा भी हूँ या निकल ली!

-


Show more
204 likes · 65 comments · 2 shares
Prerna 6 NOV AT 19:47

मुझे केवल तुम्हारी चमक ही नहीं चाहिए अपितु
तुम्हारे साथ जलने का सौभाग्य भी चाहिए,
.
.
.
सुनो! तुम्हारी सफलता ही नहीं
तुम्हारे संघर्ष में भी भागीदारी
चाहिए मुझे !

(अनुशीर्षक में)

-


Show more
178 likes · 74 comments

Fetching Prerna Quotes

YQ_Launcher Write your own quotes on YourQuote app
Open App